CJP चीफ अभिजीत दिपके को अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने का सच क्या है? सरकार ने दिया जवाब

नई दिल्ली/अमर भारती। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अभिजीत दिपके को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही विभिन्न चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि उसे दिपके के कथित अमेरिकी डिपोर्टेशन या वीजा नियमों के उल्लंघन से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार के पास इस विषय से संबंधित अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक सूचना नहीं आई है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर अभिजीत दिपके के अमेरिका से निष्कासन और वीजा के दुरुपयोग को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे।

डिपोर्टेशन दावों पर विदेश मंत्रालय की सफाई

    इसी बीच दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) नीरज ठाकुर ने इसकी पुष्टि की। पार्टी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों को जानकारी देते हुए कहा कि अब उन्हें सीधे जंतर-मंतर पहुंचना है और पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार संसद मार्ग थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पार्टी का यह प्रदर्शन परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शन के केंद्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल है।

    जंतर-मंतर प्रदर्शन को मिली पुलिस अनुमति

      प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और संसद मार्ग क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने की आशंका है। इस बीच जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी प्रदर्शन के प्रति समर्थन जताया है। उन्होंने कहा है कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है तो वे 42 दिन के अनशन पर बैठने पर विचार करेंगे।

      दिल्ली में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था

        दिल्ली पहुंचने के बाद अभिजीत दिपके ने एयरपोर्ट से बाहर निकलने के लिए वीआईपी एग्जिट की मांग की थी। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में पार्टी प्रतिनिधियों और एयरपोर्ट प्रबंधन के बीच कुछ समय तक बातचीत भी हुई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई और अंततः वे सामान्य मार्ग से ही एयरपोर्ट से बाहर निकले। आईजीआई एयरपोर्ट से बाहर आते समय अभिजीत दिपके के हाथ में डॉ. भीमराव आंबेडकर की एक पुस्तक दिखाई दी। उन्होंने बाहर मौजूद लोगों की ओर पुस्तक दिखाकर अभिवादन किया और वहां से रवाना हो गए।

        अभिजीत दिपके की दिल्ली में एंट्री

          वहीं, पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने समर्थकों से अपील की है कि वे प्रदर्शन में तिरंगा, किताबें और फूल लेकर आएं तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा संबंधी विवादों पर ठोस कदम उठाने की मांग भी की। जंतर-मंतर पर होने वाला यह प्रदर्शन अब केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।

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