शुभेंदु सत्ता में बंगाल को मिली बुलेट ट्रेन की सौगात, दिल्ली से लखनऊ-पटना होते हुए पहुंचेंगे सिलीगुड़ी, 6 घंटे में होगा सफर

BENGAL GETS BOOST RAILWAY REVOLUTION BENGAL BULLET TRAIN COMING
BENGAL GETS BOOST RAILWAY REVOLUTION BENGAL BULLET TRAIN COMING

नई दिल्ली/अमर भारती। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच बढ़ते समन्वय का असर अब रेलवे विकास परियोजनाओं पर भी दिखाई देने लगा है। शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता पहुंचकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ नवान्न में उच्चस्तरीय बैठक की। करीब तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में राज्य की लंबित रेलवे परियोजनाओं, नई योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विस्तार से चर्चा हुई।

एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं पर होगा काम

बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में रेल मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल से बंगाल में करीब एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं विभिन्न कारणों से लंबित रहीं, लेकिन अब विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।

कोलकाता मेट्रो को मिलेंगी 60 नई अत्याधुनिक रेक

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई आधुनिक मेट्रो रेक उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और महानगर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। बैठक में दिल्ली, लखनऊ और पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी प्रमुखता से उठाया गया। रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से सिलीगुड़ी तक की यात्रा मात्र छह घंटे में पूरी की जा सकेगी। यह परियोजना उत्तर बंगाल को देश की राजधानी से हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।

भूमि उपलब्ध कराएगी राज्य सरकार: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य में 61 रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है और इनके क्रियान्वयन में राज्य सरकार पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य का रेलवे नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा। रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बंगाल के 102 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे क्रॉसिंग पर 538 नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जाएंगे।

मालवाहक कॉरिडोर से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

डानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना का भी बैठक में उल्लेख किया गया। रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से माल परिवहन तेज होगा और राज्य के उद्योग तथा व्यापार को नई गति मिलेगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में 33 रेलवे ओवरब्रिजों के निर्माण, विभिन्न रेल मार्गों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने तथा अन्य लंबित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को जल्द शुरू करने पर भी सहमति बनी।

आम यात्री की तरह मेट्रो और ऑटो से पहुंचे रेल मंत्री

बैठक से पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कोलकाता में आम यात्रियों की तरह मेट्रो से सफर किया। उन्होंने जय हिंद मेट्रो स्टेशन से नोआपाड़ा तक यात्रा की और यात्रियों से बातचीत भी की। इसके बाद वे ऑटो रिक्शा से नवान्न पहुंचे। उनके इस सादगीपूर्ण सफर की पूरे शहर में चर्चा रही।बैठक में राज्य के सांसदों, विधायकों और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। इसे बंगाल में रेलवे विकास को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में राज्य के परिवहन और आर्थिक विकास को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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