
नई दिल्ली/अमर भारती। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सोमवार को हालात उस समय बेकाबू हो गए जब पुलिस और एक प्रतिबंधित प्रदर्शनकारी संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच भीषण झड़पें हुईं। इस हिंसा में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
रावलकोट में सबसे ज्यादा हिंसा, कई मौतों की पुष्टि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सबसे गंभीर स्थिति रावलकोट शहर में देखने को मिली। यहां हुई झड़पों में तीन आम नागरिकों की मौत हुई और करीब 40 लोग घायल हुए हैं। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। वहीं, पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान हुई हिंसा में चार पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। दोनों पक्षों में हुए टकराव के बाद इलाके में भारी तनाव बना हुआ है।
प्रदर्शन से पहले बढ़ा तनाव, JAAC पर लगा प्रतिबंध
यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों से ठीक एक दिन पहले भड़की। प्रशासन ने हाल ही में इस संगठन पर सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए प्रतिबंध लगा दिया था। संगठन पर पहले भी कई हिंसक प्रदर्शनों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। JAAC का कहना है कि सरकार की नीतियों के खिलाफ और अपने नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं। संगठन ने आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी थी।
स्थानीय मुद्दों को लेकर बढ़ रहा असंतोष
पीओके में पिछले कुछ समय से स्थानीय नागरिक बिजली संकट, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और संसाधनों के कथित शोषण को लेकर नाराजगी जता रहे हैं। प्रदर्शनकारी यह भी आरोप लगा रहे हैं कि क्षेत्र को राजनीतिक रूप से हाशिए पर रखा जा रहा है। इसके अलावा 12 शरणार्थी सीटों को लेकर भी विवाद बना हुआ है। आलोचकों का कहना है कि इन सीटों का इस्तेमाल राजनीतिक नियंत्रण बनाए रखने के लिए किया जाता है, जिससे स्थानीय प्रतिनिधित्व प्रभावित होता है।
इंटरनेट बंद, सुरक्षा बलों की तैनाती
स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में इंटरनेट और टेलीकॉम सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए मुजफ्फराबाद सहित कई इलाकों में पाकिस्तान रेंजर्स और संघीय पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और एडवाइजरी
इस बीच इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने पीओके में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी है, जिसमें 5 जून से 20 जून तक इस क्षेत्र में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की गई है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन हालात को नियंत्रित करने के प्रयासों में जुटा है।