राज्यमंत्री की जनचौपाल में स्वास्थ्य विभाग का बैनर बना चर्चा का विषय

पुराने स्वास्थ्य कैंप का पोस्टर लगाने पर उठे सवाल, कार्यक्रम में विभागीय लापरवाही की चर्चा



सिद्धौर (बाराबंकी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को ग्राम पंचायत टांडा में आयोजित जनचौपाल कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग का एक बैनर चर्चा का विषय बन गया। कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट द्वारा लगाया गया पुराना बैनर लोगों के बीच हंसी और चर्चा का कारण बना रहा।
विकास खंड बनीकोडर की ग्राम पंचायत टांडा में आयोजित जनचौपाल में प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने खराब मौसम के बावजूद पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र भी वितरित किए और अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाया गया बैनर लोगों का ध्यान आकर्षित करता रहा। बैनर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर 24 दिसंबर 2025 को मिनी स्टेडियम रामसनेहीघाट में आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उल्लेख था। वर्तमान कार्यक्रम से असंबंधित इस बैनर को देखकर उपस्थित लोगों ने विभागीय लापरवाही पर सवाल उठाए।
स्थानीय लोगों का कहना था कि इतने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम में पुराने बैनर का इस्तेमाल विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कार्यक्रम में यह विषय पूरे समय चर्चा का केंद्र बना रहा।
वहीं ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से रवाना होने के बाद कई विभागों के कर्मचारी और अधिकारी धीरे-धीरे कार्यक्रम छोड़कर चले गए। जबकि अपने संबोधन में राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों को मौके पर रुककर पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
जनचौपाल का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग का पुराना बैनर कार्यक्रम की चर्चा का प्रमुख विषय बन गया।