
लखनऊ। भारतीय रेल परिवहन प्रबंधन संस्थान, लखनऊ और भारतीय प्रबंध संस्थान, लखनऊ के बीच प्रशिक्षण की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने, शैक्षणिक सहभागिता को बढ़ावा देने, अनुसंधान सहयोग को सशक्त करने तथा विकसित भारत के विजन के अनुरूप क्षमता निर्माण को नई दिशा देने के उद्देश्य से सोमवार को एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। आईआरआईटीएम के अभिव्यक्ति सभागार में आयोजित समारोह में आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर और आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ संकाय सदस्य, अधिकारी एवं भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (यातायात) के परिवीक्षाधीन अधिकारी भी उपस्थित रहे।
रेलवे अधिकारियों को मिलेंगे विशेष प्रबंधन एवं शोध कार्यक्रमों के अवसर
इस समझौते के तहत भारतीय रेल के चयनित सेवारत अधिकारियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए प्रबंधन कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को डॉक्टोरल अध्ययन, अनुसंधान परामर्श तथा अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक प्रबंधन विकास कार्यक्रमों का लाभ भी मिलेगा। एमओयू दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक और व्यावसायिक सहयोग का एक व्यापक ढांचा तैयार करेगा, जिसके माध्यम से रेलवे क्षेत्र में आधुनिक प्रबंधन दृष्टिकोण और नेतृत्व विकास को बढ़ावा मिलेगा।
ज्ञान संसाधनों के आदान-प्रदान और उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना का भी मार्ग प्रशस्त
समझौते के अंतर्गत पारस्परिक हित से जुड़ी परियोजनाओं पर संयुक्त कार्य, ज्ञान संसाधनों का आदान-प्रदान, उत्कृष्टता केंद्र (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) की स्थापना तथा अन्य शैक्षणिक पहलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल दोनों संस्थानों के बीच सहयोग मजबूत होगा, बल्कि परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नवाचार और शोध गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
रेलवे नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल : रंजन प्रकाश ठाकुर
इस अवसर पर आईआरआईटीएम के महानिदेशक रंजन प्रकाश ठाकुर ने कहा कि यह समझौता रेलवे अधिकारियों की प्रबंधकीय और नेतृत्व क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ यह सहयोग रेलवे अधिकारियों के लिए मूल्यवान शिक्षण अवसरों का सृजन करेगा और परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए भविष्य के सक्षम नेतृत्वकर्ताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सतत अधिगम और रणनीतिक सोच को अपनाने का आह्वान
आईआईएम लखनऊ के निदेशक प्रो. एम.पी. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों तथा सार्वजनिक संगठनों के बीच सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित करते हुए सतत अधिगम, रणनीतिक सोच और व्यावसायिक उत्कृष्टता को अपने पेशेवर जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय रेल में क्षमता निर्माण को मिलेगी नई गति
यह एमओयू प्रारंभिक रूप से पांच वर्षों की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अनेक नई पहलें शुरू की जाएंगी, जिनका लाभ दोनों संस्थानों के साथ-साथ भारतीय रेल को भी मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी भारतीय रेल में क्षमता निर्माण, नेतृत्व विकास और संस्थागत उत्कृष्टता को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।