PM Modi Independence Day 2026 Speech: लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, विकसित भारत के लिए ‘सप्तधारा’ का विजन

PM Modi Independence Day 2026 Speech: लाल किले से पीएम मोदी ने विकसित भारत, AI, आत्मनिर्भरता, युवाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा संदेश दिया

80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

नई दिल्ली/अमर भारती। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार तिरंगा फहराकर राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य, आत्मनिर्भरता, युवाओं, तकनीक, विनिर्माण, राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर दिया। प्रधानमंत्री के भाषण में देश को आगे ले जाने के लिए काम करने की संस्कृति, सोच और विकास के पैमाने में बदलाव का आह्वान प्रमुख रहा।

पीएम मोदी ने दिया विकसित भारत का मंत्र

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपने देखने के बजाय बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश की प्रगति केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों, युवाओं, किसानों, उद्योग जगत और समाज के हर वर्ग की भूमिका है। पीएम ने देश की कार्यसंस्कृति और सोच में बदलाव को भारत की अगली छलांग के लिए जरूरी बताया।

‘सप्तधारा’ से विकास का रोडमैप

पीएम मोदी ने विकसित भारत के लिए ‘सप्तधारा’ का विजन सामने रखा। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य उत्पादन, तकनीक एवं इनोवेशन, तेज कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा क्षेत्र, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूत करने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर, आधुनिक और वैश्विक स्तर पर प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ाना है।

AI में युवाओं को मिलेगी बड़ी ताकत

पीएम मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भारत के भविष्य का महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देने की घोषणा की। उन्होंने युवाओं की क्षमता को भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बताया और तकनीकी कौशल के जरिए रोजगार तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करने पर जोर दिया।

पीएम ने युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन परीक्षा कोचिंग की दिशा में भी घोषणा की, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ कम करने का प्रयास किया जा सके।

आत्मनिर्भर भारत पर जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी। रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रेलवे कोच, खादी और अन्य क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन बढ़ने का उल्लेख करते हुए पीएम ने आत्मनिर्भरता को विकसित भारत की महत्वपूर्ण शर्त बताया।

सेमीकंडक्टर और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े लक्ष्य

पीएम मोदी ने भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही आने वाले वर्षों में परमाणु ऊर्जा क्षमता को विस्तार देने का लक्ष्य भी सामने रखा गया। सरकार का फोकस तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर है, ताकि वैश्विक परिस्थितियों में भारत की आर्थिक सुरक्षा मजबूत रह सके।

राष्ट्रीय सुरक्षा और नक्सलवाद पर सख्त संदेश

पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता मिली है और इस संघर्ष में बलिदान देने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन किया। प्रधानमंत्री ने वैचारिक स्तर पर हिंसक विचारधाराओं के प्रभाव को लेकर भी चेतावनी दी और राष्ट्रीय एकता को मजबूत रखने का आह्वान किया।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

पीएम मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सॉफ्ट पावर को भी विकास के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में रखा। उनका संदेश साफ रहा कि आधुनिक भारत को केवल आर्थिक रूप से मजबूत नहीं, बल्कि तकनीक, रक्षा, नवाचार, संस्कृति और कूटनीति के क्षेत्र में भी दुनिया में प्रभावशाली भूमिका निभानी होगी। ‘सप्तधारा’ में सॉफ्ट पावर को शामिल करना इसी व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

‘वंदे मातरम्’ से गूंजा लाल किला

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिला। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति हुई। समारोह में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से वंदे मातरम् की संपूर्ण प्रस्तुति दी।

शहीदों को नमन, विकसित भारत का संकल्प

पीएम मोदी के संबोधन का मूल संदेश आजादी के बलिदान से मिले अधिकारों को विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण से जोड़ना रहा। उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, मेहनत करने और सामूहिक प्रयासों के जरिए 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने का आह्वान किया।

लाल किले से प्रधानमंत्री का संदेश यही रहा कि आजादी की विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब वर्तमान पीढ़ी की है। भारत को तकनीक, उत्पादन, सुरक्षा, ऊर्जा और वैश्विक नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाना इसी संकल्प का हिस्सा है।

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