
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या से जुड़े हालिया विवादों और आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अयोध्या धाम को बदनाम करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और जांच पूरी होने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग लगातार अयोध्या की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने वर्षों तक अयोध्या के विकास की उपेक्षा की, वही आज दुष्प्रचार कर रहे हैं। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले अयोध्या को पर्याप्त बिजली तक नहीं मिलती थी और संकरी गलियों में शहर को सीमित करके रखा गया था, जबकि आज अयोध्या विश्वस्तरीय धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित हो रही है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या भारत की सप्त पुरियों में प्रथम स्थान रखने वाली पवित्र नगरी है और इसके सम्मान को ठेस पहुंचाने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार के बहकावे में न आएं।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने अतीत में रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, जय श्रीराम के उद्घोष पर लाठियां बरसाईं और भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल खड़े किए, वही आज अयोध्या को लेकर उपदेश देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान भी ऐसे लोगों ने न्यायालय में विभिन्न प्रकार की बाधाएं खड़ी करने का प्रयास किया था।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से संबंधित कोई दस्तावेजी साक्ष्य या प्रमाण हैं तो उन्हें सीधे SIT को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जांच एजेंसी सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल करेगी और उसके आधार पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि जांच पूरी होने तक अनर्गल बयानबाजी से बचें। मुख्यमंत्री के अनुसार, जांच के दौरान की जाने वाली अनावश्यक टिप्पणियां जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का चरित्र हनन करने या बिना तथ्यों के आरोप लगाने से बचना चाहिए।
रामभक्तों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का मार्ग दिखाया है और उसी मर्यादा का पालन करते हुए रामभक्तों ने लगभग 500 वर्षों तक संघर्ष कर राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि रामभक्त धैर्य रखें और जांच पूरी होने का इंतजार करें।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सत्य को सामने लाना और अयोध्या की गरिमा को बनाए रखना है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अयोध्या और राम जन्मभूमि को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि SIT की जांच हर तथ्य को स्पष्ट कर देगी।