मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी के बाद वेस्ट यूपी में जैश-ए-मोहम्मद और पाकिस्तानी गैंगस्टरों से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क की जांच तेज हुई।

नई दिल्ली/अमर भारती। स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बीच मोहम्मद जफर गिरफ्तारी ने वेस्ट यूपी में कथित आतंकी नेटवर्क को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े मोहम्मद जफर को एटीएस ने दोबारा गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, जफर पर संगठन के लिए चंदा जुटाने और उससे जुड़े लोगों के संपर्क में रहने का आरोप है।
गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सुरक्षा बलों ने आईएसआई का सहयोग करने वाले गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 200 से अधिक ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया और 14 राज्यों में अभियान चलाया। इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
वेस्ट यूपी में 16 संदिग्धों की गिरफ्तारी का दावा
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों में एटीएस और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई में वेस्ट यूपी के अलग-अलग जिलों से मोहम्मद जफर समेत 16 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिले शामिल बताए जा रहे हैं।
जांच में इन मामलों के तार मेरठ से जुड़ने की बात सामने आई है। उमर, आजाद राजपूत और तुषार चौहान समेत कई युवकों पर कथित तौर पर पाकिस्तानी नेटवर्क के संपर्क में आने का आरोप है। तुषार चौहान द्वारा कथित रूप से पहचान बदलने की बात भी जांच का हिस्सा बताई जा रही है।
जफर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा
एटीएस के अनुसार, मोहम्मद जफर को पहले हापुड़ के शेरपुर स्थित एक मस्जिद से पूछताछ के लिए लिया गया था। उस समय उसके दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच की गई। दस्तावेजों की भाषा और उनमें दर्ज जानकारी की जांच के बाद एजेंसी को कथित तौर पर उसके जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जफर को दोबारा गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और उससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
बुलंदशहर के मदरसे से भी कनेक्शन की जांच
जांच में मोहम्मद जफर का कथित कनेक्शन बुलंदशहर के एक मदरसे से सामने आने की बात कही जा रही है। एजेंसी इस संबंध में उसके परिचितों और रिश्तेदारों की भूमिका की भी जांच कर रही है। बताया गया है कि जफर को वर्ष 2017 में मदरसे में पढ़ाई के लिए मेरठ बुलाया गया था। हालांकि, इन सभी कड़ियों की वास्तविकता जांच पूरी होने और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगी।
पाकिस्तान जाने की तैयारी का भी दावा
पूछताछ में मोहम्मद जफर द्वारा बिहार से पासपोर्ट बनवाने और पाकिस्तान जाने की तैयारी किए जाने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियां उसके कथित विदेशी संपर्कों और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के साथ संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की नजर जफर से जुड़े संभावित अन्य संदिग्धों पर है। उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की प्रक्रिया पर भी काम किए जाने की बात सामने आई है।
ATS के सामने अब सबसे बड़ा सवाल
मोहम्मद जफर गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वेस्ट यूपी में कथित आतंकी नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और जफर के संपर्क में कितने लोग थे। मेरठ समेत आसपास के जिलों में सुरक्षा एजेंसियां लगातार जांच कर रही हैं। जफर की गिरफ्तारी से सामने आई कड़ियां आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और स्पष्ट कर सकती हैं। फिलहाल ATS की जांच और आधिकारिक खुलासों पर सभी की नजर है।
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