
लखनऊ। दुबई में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर 1.10 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि एजेंटों ने विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर रकम और जरूरी दस्तावेज लेने के बाद फर्जी वीजा और हवाई टिकट उपलब्ध करा दिए। जब युवक यात्रा के लिए एयरपोर्ट पहुंचा तो जांच के दौरान दोनों दस्तावेज फर्जी पाए गए, जिसके बाद उसे यात्रा की अनुमति नहीं मिली और वापस लौटना पड़ा। मामले में पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बाराबंकी जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र निवासी नसव्वर पुत्र असगर ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसकी पहचान देवा निवासी जुबेर से थी। जुबेर ने उसकी मुलाकात अयोध्या निवासी मैकाइल और उसके साथी अबूबकर से कराई। आरोप है कि दोनों ने चिनहट स्थित एक प्राइवेट कंसल्टेंसी के माध्यम से दुबई में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और विदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।
साढ़ू के बेटे को भेजने के लिए सौंपे थे रुपये और दस्तावेज
पीड़ित के अनुसार, उसने अपने साढ़ू के बेटे मिथुन को दुबई भेजने के लिए 22 फरवरी 2025 को 1.10 लाख रुपये तथा आवश्यक दस्तावेज एजेंटों को सौंप दिए थे। कुछ समय बाद आरोपियों ने वीजा और हवाई टिकट उपलब्ध कराया। हालांकि, एयरपोर्ट पर जांच के दौरान दोनों दस्तावेज फर्जी निकले। दस्तावेजों में गड़बड़ी सामने आने के बाद मिथुन की यात्रा रद्द कर दी गई और उसे विदेश जाने की अनुमति नहीं मिली।
कई अन्य युवकों से भी लाखों रुपये लेने का आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इसी कंपनी के जरिए कई अन्य युवकों को भी विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था। आरोप है कि उनसे भी लाखों रुपये वसूले गए। जब पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने लगातार टालमटोल की। बाद में जब लोग कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला और संचालक वहां से फरार बताए गए।
पहले भी की गई शिकायत, कार्रवाई न होने पर पुलिस कमिश्नर से गुहार
नसव्वर का कहना है कि उसने मामले की शिकायत पहले कमता चौकी में की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने और ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।