प्रेम विवाह के बाद बढ़ा विवाद, दहेज और तेजाब पिलाने के आरोपों से गरमाया मामला


गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)। थाना हैदराबाद क्षेत्र के ग्राम पिपरा में प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ एक रिश्ता अब गंभीर कानूनी विवाद का रूप ले चुका है। पति-पत्नी के बीच बढ़े विवाद के बाद दहेज उत्पीड़न, तेजाब पिलाकर जान से मारने के प्रयास और धन उगाही जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार पिपरा गांव निवासी सुनील कुमार और गांव की ही प्रियंका के बीच वर्ष 2020 में प्रेम संबंध स्थापित हुए थे। करीब दो वर्षों तक चले इस प्रेम प्रसंग की जानकारी जब दोनों परिवारों को हुई तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। वर्ष 2023 में मामला थाना हैदराबाद पहुंचा, जहां पुलिस और गांव के संभ्रांत लोगों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया।
बताया जाता है कि दोनों एक ही गांव और बिरादरी से होने के कारण सामाजिक स्तर पर बातचीत के बाद पुलिस की मौजूदगी में सहमति बनी और दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। विवाह के बाद कुछ समय तक दांपत्य जीवन सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया, जो समय के साथ गंभीर होता चला गया।
लड़की पक्ष का आरोप है कि विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज की मांग कर रहा था। आरोपों के अनुसार मोटरसाइकिल, वाशिंग मशीन, कलर टीवी और अन्य सामान की मांग की जाती थी। प्रियंका का कहना है कि उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया तथा तेजाब पिलाकर जान से मारने का प्रयास भी किया गया। इन आरोपों को लेकर उसने पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं सुनील कुमार और उनके पिता चेतराम ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा और निराधार बताया है। उनका कहना है कि विवाह दोनों की सहमति और प्रेम संबंध के आधार पर हुआ था तथा उन्होंने कभी दहेज की मांग नहीं की। लड़के पक्ष का दावा है कि प्रियंका की तबीयत खराब होने पर उसका लगातार इलाज कराया गया और उपचार पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए गए। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से प्राप्त सहायता राशि भी इलाज में खर्च की गई।
लड़के पक्ष ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि अब लड़की पक्ष समझौते के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग कर रहा है और कार्रवाई न कराने के बदले धनराशि मांगी जा रही है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
मामले को लेकर गांव के कई ग्रामीण भी सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों परिवार वर्षों से गांव में रहते हैं और उनके घरों के बीच महज 30 मीटर की दूरी है। ग्रामीणों ने कहा कि मामले में लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए।
चेतराम ने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने भी वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निर्दोषों को न्याय दिलाने की अपील की है।
फिलहाल मामला पुलिस और प्रशासन के संज्ञान में है। दोनों पक्षों के आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और लोगों की नजर अब जांच रिपोर्ट तथा प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।