
किरावली। ई-स्टांप एवं पंजीकरण प्रणाली के विरोध में चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच शनिवार को किरावली उपनिबंधक कार्यालय में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब विवाह प्रमाण पत्र पंजीकरण कराने पहुंचे एक नवविवाहित फौजी दंपति का रजिस्ट्रेशन अधिवक्ताओं के विरोध के चलते रुक गया। अधिवक्ताओं ने कार्यालय पहुंचकर किसी भी प्रकार का पंजीकरण किए जाने पर कड़ा विरोध जताया और कर्मचारियों को चेतावनी दी।
जानकारी के अनुसार एक फौजी अपनी नवविवाहिता पत्नी के साथ विवाह प्रमाण पत्र का पंजीकरण कराने के लिए किरावली स्थित उपनिबंधक कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान जैसे ही अधिवक्ताओं को मैरिज रजिस्ट्रेशन की जानकारी मिली, कई अधिवक्ता तत्काल कार्यालय पहुंच गए और पंजीकरण प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराई।
अधिवक्ताओं का कहना था कि प्रदेशभर में चल रही हड़ताल के दौरान किसी भी प्रकार का बैनामा, विवाह पंजीकरण अथवा अन्य सरकारी पंजीकरण कार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने उपनिबंधक कार्यालय के कर्मचारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रकार का दस्तावेज पंजीकृत किया गया तो उसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता मोरध्वज सिंह इंदौलिया, नाहर सिंह, चौधरी गुरवेंद्र सिंह, हितेंद्र चाहर और कन्हैया लाल सहित अन्य अधिवक्ताओं ने उपनिबंधक रामवीर सिंह से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि हड़ताल के दौरान किसी भी प्रकार का पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
विरोध के बाद उपनिबंधक रामवीर सिंह ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि जब तक अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी रहेगी, तब तक कार्यालय में किसी भी प्रकार का पंजीकरण कार्य नहीं किया जाएगा। इसके बाद मामला शांत हुआ, लेकिन मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने आए नवविवाहित दंपति को बिना कार्य कराए वापस लौटना पड़ा।
अधिवक्ताओं और प्रशासन के बीच जारी इस टकराव का असर अब आम लोगों पर भी पड़ने लगा है। पंजीकरण संबंधी कार्य प्रभावित होने से विवाह प्रमाण पत्र, बैनामा और अन्य दस्तावेजों के लिए आने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।