Ram Mandir Trust Meeting: चंपत राय के इस्तीफे की अटकलों के बीच आज अहम बैठक, नए महासचिव पर चर्चा

Ram Mandir Trust Meeting: चंपत राय के इस्तीफे की चर्चाओं के बीच आज ट्रस्ट की अहम बैठक होगी। स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का नाम चर्चा में, लेकिन आधिकारिक फैसला अभी नहीं।

Ram Mandir Trust meeting amid Champat Rai resignation speculation
राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव पद को लेकर चर्चा होने की संभावना।

नई दिल्ली/अमर भारती। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर जारी विवाद के बीच सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में ट्रस्ट के कामकाज और मौजूदा स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है। इसी बीच सूत्रों के हवाले से ऐसी चर्चाएं सामने आई हैं कि यदि महासचिव पद पर बदलाव होता है तो स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का नाम संभावित दावेदारों में शामिल हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

Ram Mandir Trust Meeting पर सबकी नजर

राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट की यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अभी तक न तो उनके इस्तीफे की आधिकारिक पुष्टि हुई है और न ही ट्रस्ट ने किसी नए महासचिव के नाम का ऐलान किया है। ऐसे में सोमवार की बैठक को लेकर सभी की निगाहें ट्रस्ट के संभावित फैसलों पर टिकी हैं।

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का नाम चर्चा में

सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अयोध्या के कुछ संतों के बीच यह राय बनी है कि यदि महासचिव पद पर नया चेहरा लाया जाता है तो स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती उपयुक्त विकल्प हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के कई सदस्यों में भी उनके नाम को लेकर सहमति बनने की चर्चा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पद स्वीकार करने से कथित तौर पर किया इनकार

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के इच्छुक नहीं हैं। उनके करीबी लोगों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि वह मौजूदा परिस्थितियों में महासचिव का पद नहीं संभालना चाहते। इन दावों पर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

क्यों चर्चा में है उनका नाम?

स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन और विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उनका नाम ट्रस्ट के संभावित नेतृत्व के रूप में सामने आ रहा है। हालांकि, शंकराचार्य पद को लेकर उनके दावे से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा है। इसलिए इस विषय को लेकर भी समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं।

महासचिव के चयन पर फैसला टल सकता है

सूत्रों का कहना है कि यदि स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती पद स्वीकार नहीं करते हैं, तो ट्रस्ट तत्काल किसी नए महासचिव की घोषणा नहीं करेगा। ऐसी स्थिति में महासचिव के चयन का निर्णय कुछ समय के लिए टाला जा सकता है और बाद में सर्वसम्मति से किसी नए नाम पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय ट्रस्ट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।

ट्रस्ट की आधिकारिक घोषणा का इंतजार

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन फिलहाल किसी भी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चंपत राय के पद पर बने रहने, उनके संभावित इस्तीफे या नए महासचिव की नियुक्ति को लेकर ट्रस्ट की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक बयान से ही यह स्पष्ट होगा कि ट्रस्ट प्रशासन में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।

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