Mumbai Pune Expressway Closed: भारी बारिश से खंडाला में लैंडस्लाइड के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे बंद। मावल में मकान मलबे में दबा, रेस्क्यू जारी।

नई दिल्ली/अमर भारती। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे बड़ा असर Mumbai Pune Expressway Closed होने के रूप में सामने आया है। खंडाला के मिसिंग लिंक सेक्शन के पास भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया। इसके अलावा पुणे जिले के मावल क्षेत्र में भी भूस्खलन की घटना में एक मकान मलबे में दब गया, जहां राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
Mumbai Pune Expressway Closed: रात में हुआ भूस्खलन, यातायात पूरी तरह बंद
लगातार हो रही बारिश के कारण खंडाला घाट के मिसिंग लिंक परियोजना क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने एहतियात के तौर पर सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों दिशाओं में वाहनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से रोक दी। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि अगले आदेश तक मुंबई से पुणे या पुणे से मुंबई की यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा अत्यंत आवश्यक हो, तो केवल प्रशासन द्वारा जारी वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
मलबा हटाने में कई घंटे लगने की संभावना
अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहा है। सड़क पर गिरे भारी मलबे और चट्टानों को हटाने में लगभग तीन से पांच घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए मार्ग कब पूरी तरह खोला जाएगा, इसका अंतिम निर्णय सुरक्षा जांच के बाद ही लिया जाएगा। एमएसआरडीसी ने बताया कि पुणे की ओर जाने वाले वाहनों को सुरंग वाले वैकल्पिक मार्ग से निकालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जलभराव और खराब मौसम के कारण यातायात बेहद धीमी गति से चल रहा है।
खलापुर टोल प्लाजा के पास जलभराव बना बड़ी चुनौती
भारी बारिश के कारण पातालगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे खलापुर टोल प्लाजा के आसपास कई स्थानों पर पानी भर गया। प्रशासन का कहना है कि जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता और प्रभावित क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक एक्सप्रेसवे को दोबारा खोलना संभव नहीं होगा। यातायात पुलिस और एमएसआरडीसी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौके पर क्रेन, जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
पुणे के मावल में लैंडस्लाइड, मकान मलबे में दबा
इधर, पुणे जिले के मावल क्षेत्र में सोमवार सुबह एक और गंभीर हादसा हुआ। लगातार बारिश के चलते पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण एक मकान पूरी तरह मलबे में दब गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान के भीतर एक पूरा परिवार मौजूद था, जिसके मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
30 सदस्यीय विशेष टीम कर रही रेस्क्यू ऑपरेशन
पुणे जिला सूचना कार्यालय के अनुसार, राहत कार्य के लिए 30 सदस्यीय विशेष बचाव दल को घटनास्थल पर भेजा गया है। अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर रविंदर कर रहे हैं, जबकि पूरी कार्रवाई सहायक कमांडेंट चंद्रकेतु शर्मा की निगरानी में संचालित की जा रही है। टीम में दो वरिष्ठ अधिकारी और आपदा प्रबंधन में प्रशिक्षित 27 जवान शामिल हैं। अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
अभी तक किसी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्र की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद बचाव दल पूरी सतर्कता के साथ अभियान चला रहा है।
यात्रियों के लिए प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और घाट मार्ग का उपयोग फिलहाल न करें। यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट और मौसम संबंधी ताजा जानकारी अवश्य प्राप्त करें। भारी बारिश वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
स्थिति पर लगातार नजर
मौसम विभाग द्वारा महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रशासन, एमएसआरडीसी, पुलिस और बचाव एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही मौसम और सड़क की स्थिति सुरक्षित होगी, एक्सप्रेसवे को चरणबद्ध तरीके से खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
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