
लखनऊ। भारतीय उद्योग परिसंघ की युवा इकाई यंग इंडियंस द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘यी संसद 2026–कानपुर चैप्टर’ का सफल समापन सत्र 5 जुलाई को विधानसभा परिसर में आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन की कार्यप्रणाली से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित समापन सत्र का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए युवाओं की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उत्तरदायी नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता ही देश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय और सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
युवा नेताओं ने बहस, नीति निर्माण और विधायी प्रक्रिया का लिया अनुभव
दो दिवसीय इस संसदीय कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े युवा नेता, उद्यमी, पेशेवर और चेंज-मेकर्स ने भाग लिया। कानपुर में आयोजित पहले दिन के सत्र के बाद चयनित प्रतिभागियों को उत्तर प्रदेश विधानसभा में आयोजित अंतिम संसदीय सत्र में शामिल होने का अवसर मिला। यहां प्रतिभागियों ने संसदीय कार्यवाही के सिमुलेशन के माध्यम से विधानसभा की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझा। इस दौरान राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर बहस, नीतिगत चर्चा और विधायी विचार-विमर्श किया गया, जिससे प्रतिभागियों को शासन व्यवस्था, लोक नीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की गहन जानकारी प्राप्त हुई।
कई वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद
समापन समारोह में सीआईआई यंग इंडियंस के नेशनल वाइस चेयर अनुज अग्रवाल, कानपुर चैप्टर के चेयर संचित अग्रवाल, को-चेयर यश अग्रवाल तथा सीआईआई उत्तर प्रदेश के निदेशक एवं स्टेट हेड आलोक शुक्ला भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
जिम्मेदार और दूरदर्शी नेतृत्व तैयार करने की पहल
सीआईआई यंग इंडियंस संसद संस्था की प्रमुख नेतृत्व विकास पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को संसदीय प्रणाली, शासन व्यवस्था और सार्वजनिक विमर्श का अनुभवात्मक ज्ञान प्रदान करना है। कानपुर चैप्टर द्वारा आयोजित इस सफल संस्करण ने एक बार फिर यह साबित किया कि युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं से जोड़कर जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और दूरदर्शी नेतृत्व तैयार किया जा सकता है। साथ ही, यह पहल एक सशक्त, समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण में युवाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई।