
गुदानंद ध्यानी
गोरखपुर। गोरखपुर जनपद में कच्ची शराब का अवैध कारोबार प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बावजूद थमता नजर नहीं आ रहा है। सेक्टर-2 इंस्पेक्टर विजय चंद जायसवाल के कार्यक्षेत्र स्थित अमरूद बाग एक बार फिर अवैध शराब निर्माण का बड़ा अड्डा बनकर सामने आया। हैरानी की बात यह है कि एक दिन पहले आबकारी विभाग और राजघाट पुलिस की संयुक्त टीम ने यहां व्यापक छापेमारी कर भारी मात्रा में कच्ची शराब, लहन और अवैध भट्ठियों को नष्ट किया था। इस कार्रवाई में सेक्टर-2 इंस्पेक्टर विजय चंद जायसवाल भी मौजूद रहे थे। इसके बावजूद अगले ही दिन उसी स्थान पर फिर से अवैध शराब का निर्माण शुरू हो गया।
कार्रवाई के अगले दिन जिला आबकारी अधिकारी अरविंद मौर्य स्वयं अमरूद बाग पहुंचे। मौके पर पहुंचते ही उन्होंने देखा कि वहां फिर से कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही थीं और अवैध शराब बनाने का काम जारी था। आबकारी विभाग की टीम को देखते ही शराब बनाने में लगे लोग जलती हुई भट्ठियां और तैयार कच्ची शराब मौके पर छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद टीम ने पूरे क्षेत्र में अभियान चलाते हुए लगभग 40 लीटर कच्ची शराब बरामद कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। साथ ही करीब 350 किलो लहन को भी नष्ट कराया गया और शराब बनाने में इस्तेमाल की जा रही सभी अवैध भट्ठियों को तोड़कर ध्वस्त कर दिया गया।
लगातार कार्रवाई के बावजूद चुनौती बरकरार, अभियान जारी रखने का दावा
बड़ी बात है कि लगातार दो दिनों में एक ही स्थान पर दो बार हुई कार्रवाई के बावजूद फिर से अवैध शराब का निर्माण मिलना आबकारी विभाग के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। यह स्थिति बताती है कि अवैध कारोबारियों के हौसले अब भी बुलंद हैं। हालांकि आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि कच्ची शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस धंधे में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।