
लखनऊ। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने रेल यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 27 जून से 5 जुलाई 2026 तक विभिन्न मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अरिजीत सिंह के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान के दौरान ट्रेन संख्या 19038, 20104, 15023, 22537 और 12566 में व्यापक जांच की गई। जांच के दौरान कई यात्री दूसरे व्यक्ति के नाम पर जारी आरक्षित टिकट से यात्रा करते, गलत टिकट का उपयोग करते तथा फर्जी और कूटरचित पहचान पत्र प्रस्तुत करते हुए पकड़े गए।
रेल प्रशासन ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित यात्रियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम-1989 एवं प्रचलित रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की अनियमितताओं पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ आगे भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान शयनयान (स्लीपर) कोच में कुल 26 अनियमित यात्री पकड़े गए। इनमें 4 यात्री दूसरे के टिकट पर यात्रा करते मिले, 20 यात्री फर्जी आधार कार्ड के सहारे यात्रा कर रहे थे, जबकि 2 यात्री दिव्यांग (विकलांग) कोटे का दुरुपयोग करते पाए गए।
17 यात्रियों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया
वहीं कार्रवाई के तहत 9 यात्रियों को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सुपुर्द किया गया, जबकि 17 यात्रियों से नियमानुसार जुर्माना वसूला गया। वहीं, तृतीय वातानुकूलित (थर्ड एसी) श्रेणी में भी 2 यात्री दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करते हुए पकड़े गए, जिनसे भी जुर्माना वसूला गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अपने नाम से जारी वैध टिकट एवं सही पहचान पत्र के साथ ही यात्रा करें, ताकि किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।