11 जुलाई को योगिनी एकादशी: अन्न ग्रहण से करें परहेज, 12 जुलाई को निर्धारित समय में करें व्रत का पारण

लखनऊ। इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने जानकारी देते हुए बताया कि 11 जुलाई 2026, शनिवार को योगिनी एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शास्त्रों के अनुसार सदैव द्वादशी प्रधान एकादशी का ही व्रत करना चाहिए, अर्थात ऐसी एकादशी जिसमें दशमी का लेशमात्र भी मिश्रण न हो।

उन्होंने बताया कि द्वादशी प्रधान एकादशी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति एवं कृष्ण भावनामृत को बढ़ाने वाली तथा विशेष पुण्य और आध्यात्मिक फल प्रदान करने वाली मानी गई है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से एकादशी के दिन अन्न ग्रहण न करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस दिन पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत का पालन करना चाहिए।

भक्तों के लिए मंदिर एवं ऑनलाइन दोनों माध्यमों से होगी भागवत कथा

मंदिर के अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि प्रत्येक एकादशी की भांति इस बार भी इस्कॉन मंदिर में भक्तों के लिए प्रातः 6:00 बजे श्रीमद्भागवत की विशेष कक्षा आयोजित की जाएगी। इस आध्यात्मिक प्रवचन का सीधा प्रसारण ज़ूम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे दूर-दराज़ के श्रद्धालु भी ऑनलाइन जुड़कर इसका लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में मंदिर पहुंचने अथवा ज़ूम के माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी बनने का आग्रह किया।

12 जुलाई को प्रातः 5:21 से 9:55 बजे तक होगा व्रत पारण

अपरिमेय श्याम प्रभुजी ने बताया कि एकादशी व्रत रखने के साथ-साथ द्वादशी तिथि पर निर्धारित समय में व्रत का पारण करना भी उतना ही आवश्यक और शास्त्रसम्मत है। योगिनी एकादशी व्रत का पारण 12 जुलाई 2026, रविवार को प्रातः 5:21 बजे से 9:55 बजे के बीच किया जाएगा। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे इसी निर्धारित समयावधि में विधिपूर्वक व्रत का पारण करें, ताकि व्रत का पूर्ण आध्यात्मिक एवं धार्मिक फल प्राप्त हो सके।