अमेरिका के नए हवाई हमलों के बाद ईरान और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया। कुवैत, बहरीन और कतर में मिसाइल अलर्ट जारी, कई शहरों में धमाकों की खबर।

नई दिल्ली/अमर भारती। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहरा गया है। अमेरिका द्वारा ईरान पर नए हवाई हमले किए जाने के बाद गुरुवार तड़के कुवैत, बहरीन और कतर में संभावित मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीनों देशों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इससे पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों का सिलसिला तेज हो चुका था। क्षेत्र में लगातार बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और निवेशकों की चिंताओं पर भी दिखाई देने लगा है।
अमेरिका के हवाई हमलों के बाद बढ़ी सतर्कता
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। इसके बाद कुवैत, बहरीन और कतर में सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया और संभावित मिसाइल खतरे को देखते हुए चेतावनी सायरन बजाए गए। कुवैती सेना का कहना है कि वह अपनी वायु सुरक्षा प्रणाली के जरिए ईरान की ओर से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को रोकने के लिए तैयार है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कई शहरों में धमाकों की खबर
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, बुशहर, चाबहार, कोनारक, बंदर अब्बास और सिरिक समेत कई क्षेत्रों में विस्फोटों की घटनाएं हुई हैं। हालांकि, इन धमाकों से हुए नुकसान का विस्तृत आधिकारिक विवरण अभी सामने नहीं आया है। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
ट्रंप की कड़ी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात नहीं बदले तो ईरान के बिजली संयंत्रों और समुद्री जल को मीठा बनाने वाले संयंत्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने खार्ग द्वीप को लेकर भी सख्त बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाई ईरान द्वारा होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर किए गए कथित हमलों के जवाब में की गई है। उनका कहना था कि यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
युद्धविराम समझौते पर भी बयान
बुधवार को ट्रंप ने कहा कि अंतरिम युद्धविराम समझौता अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उसे प्रभावी नहीं मानते। ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। निवेशकों ने संभावित आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई।
ईरान का पलटवार
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अमेरिका की ताकत नहीं, बल्कि उसकी नीति की विफलता का संकेत है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। आने वाले दिनों में दोनों देशों के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।
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