
लखनऊ। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार सुबह ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान अखिलेश यादव जमीन पर बैठकर शंकराचार्य से चर्चा करते नजर आए। करीब 30 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद बाहर आए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि शंकराचार्य गोमाता को लेकर बेहद चिंतित हैं और वह ऐसे उपाय तलाश रहे हैं, जिससे किसी भी तरह गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान मिल सके।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 81 दिन की ‘गविधि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा’ पर निकले हैं। इसी क्रम में वह बुधवार को लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने फैजुल्लागंज स्थित जगन लाल यादव गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया। बता दें कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बीते चार महीनों में शंकराचार्य से यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले 12 मार्च को भी दोनों नेताओं की लखनऊ में भेंट हुई थी।
वहीं करीब एक महीने पहले जब शंकराचार्य की यात्रा सैफई पहुंची थी, तब सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने उनका स्वागत किया था। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद आशीर्वाद लेते हुए डिंपल यादव ने कहा था कि यदुवंशी होने के नाते गाय उनके लिए सदैव पूजनीय रही है और उसके संरक्षण के लिए जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा।
‘भाजपा के लिए धर्म नहीं, धन प्राथमिकता
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने विचार वोटों के हिसाब से बदलती रहती है और उसके लिए धर्म नहीं बल्कि धन प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, वे आज कहां हैं, यह सवाल पूरे देश के सामने है। उन्होंने कहा कि आज का समय ऐसा है, जहां हर चीज रिकॉर्ड में है और जनता सब कुछ देख-समझ रही है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि दुनियाभर के सनातनी मौजूदा परिस्थितियों को लेकर चिंतित हैं और भाजपा ने अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की मर्यादा को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया है।
राम जन्मभूमि ट्रस्ट को लेकर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्ष के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं पर तेजी से एफआईआर दर्ज की जा रही हैं, जबकि विपक्ष की शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने मांग की कि मंदिर परिसर में कार्य करने वाले सभी लोगों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कराई जाए। उनका दावा था कि जांच में 99 प्रतिशत लोग भाजपा से जुड़े निकलेंगे, जिसके बाद पार्टी में ऐसी भगदड़ मचेगी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।
अखिलेश यादव ने एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जांच केवल लीपापोती बनकर रह गई है और स्वयं एसआईटी के एक सदस्य पर 420 का मुकदमा दर्ज होने की बातें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मामले की लड़ाई नहीं, बल्कि दिल्ली और लखनऊ के बीच की बड़ी राजनीतिक लड़ाई है। वहीं, राम जन्मभूमि ट्रस्ट में नए सीईओ की नियुक्ति के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि केवल सांचा बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरा ढांचा बदलने की जरूरत है।