लखनऊ के दुबग्गा फ्लाईओवर निर्माण को जल्द मिलेगी रफ्तार: जाम से मिलेगी राहत, डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

लखनऊ। राजधानी के दुबग्गा चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण कार्य को गति देने के लिए डीएम लखनऊ विशाख जी ने लखनऊ–हरदोई मार्ग स्थित चिन्हित स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी, प्रशासनिक एवं विभागीय समन्वय के कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करते हुए निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि परियोजना में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय से लंबित औपचारिकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।

निरीक्षण के दौरान उत्तर प्रदेश सेतु निगम के परियोजना अधिकारी अमित वर्मा ने बताया कि परियोजना के लिए 30,531.37 लाख रुपये (लगभग 305.31 करोड़ रुपये) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई 1800 मीटर तथा चौड़ाई 11.50 मीटर होगी। उन्होंने जानकारी दी कि परियोजना के निर्माण में वन विभाग, मंडी परिषद और लखनऊ विकास प्राधिकरण की कुछ भूमि प्रभावित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक समन्वय स्थापित करते हुए भूमि संबंधी सभी प्रक्रियाएं और औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य बिना किसी बाधा के शुरू किया जा सके।

हरदोई रोड का सफर होगा आसान, दुबग्गा चौराहे के जाम से मिलेगी बड़ी राहत

परियोजना अधिकारी के अनुसार फ्लाईओवर बनने के बाद कानपुर बाईपास और आगरा एक्सप्रेस-वे से आने वाला यातायात सीधे हरदोई रोड से जुड़ जाएगा। इससे हरदोई, सीतापुर, मलिहाबाद, चौक और बुद्धेश्वर क्षेत्र के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। लंबे समय से दुबग्गा चौराहे पर लगने वाले जाम से भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना पूरी होने पर करीब चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जबकि क्षेत्र के व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और आधारभूत ढांचे के विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

अंतरविभागीय समस्याओं के समाधान के लिए हुई समीक्षा बैठक

स्थलीय निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने परियोजना में आ रही अंतरविभागीय समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। बैठक में वन विभाग, मंडी परिषद और लखनऊ विकास प्राधिकरण से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। परियोजना अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित एलाइनमेंट के तहत लगभग 0.3841 हेक्टेयर वन भूमि तथा दुबग्गा मंडी परिसर के बाहर स्थित मंडी परिषद की भूमि प्रभावित हो रही है। इस पर जिलाधिकारी ने सचिव मंडी और उपनिदेशक मंडी परिषद को प्रभावित भूमि का शीघ्र आकलन कर प्रतिकर की धनराशि का विवरण सेतु निगम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं वन भूमि से जुड़े प्रकरण में स्वीकृत एलाइनमेंट के आधार पर आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने के लिए वन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर तत्काल आवेदन करने के भी निर्देश दिए।

ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण और समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर पूर्वी), परियोजना अधिकारी उत्तर प्रदेश सेतु निगम, उपजिलाधिकारी सदर, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, मंडी परिषद तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।