
लखनऊ। कलर्स का लोकप्रिय शो ‘बरेली के बच्चन’ अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी, भावनात्मक पारिवारिक रिश्तों और देसी अंदाज़ की अफरा-तफरी के चलते दर्शकों का लगातार मनोरंजन कर रहा है। शो को मिल रहे जबरदस्त प्यार के बीच इसकी स्टारकास्ट प्रविष्ट मिश्रा, रमनीक कटारिया, अंश मनुजा और सचिन जीत सिंह में लखनऊ पहुंची। इस दौरे का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के दर्शकों का आभार व्यक्त करना था, क्योंकि शो की कहानी, परिवेश और किरदारों की प्रेरणा इसी प्रदेश की संस्कृति, जीवनशैली और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी है। कलाकारों ने इसे एक भावनात्मक होमकमिंग बताया और कहा कि लखनऊ की गर्मजोशी ने उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। ‘बरेली के बच्चन’ का प्रसारण हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे कलर्स और जियोहॉटस्टार पर है।
शो ‘बरेली के बच्चन’ की कहानी बच्चन परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका अनोखा ऑल-मेल हाउसहोल्ड दोस्ती, जुगाड़ और हास्य से भरी परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ता है। कहानी में नया मोड़ तब आता है, जब कृष्णा (प्रविष्ट मिश्रा) संगम (रमनीक कटारिया) को परिवार की बहू बनाकर घर ले आता है। शुरुआत में यह महज एक अस्थायी व्यवस्था होती है, लेकिन यह फैसला पूरे परिवार की जिंदगी बदल देता है और मोहल्ले में भी चर्चा का विषय बन जाता है। अब संगम के पिता नवविवाहितों के लिए भव्य रिसेप्शन आयोजित करना चाहते हैं, जबकि कृष्णा और संगम जानते हैं कि उनकी शादी सिर्फ दिखावा है। ऐसे में सवाल यह है कि बच्चन परिवार इस झूठ को कब तक निभा पाएगा और क्या रिसेप्शन में यह राज खुल जाएगा।
हास्य और मनोरंजन का नया रंग
लखनऊ दौरे के दौरान प्रविष्ट मिश्रा ने कहा कि दर्शकों के प्यार ने पूरी टीम की मेहनत को सफल बना दिया है। उन्होंने बताया कि शो में कृष्णा का किरदार अब यह मानने लगा है कि परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य हो जाएंगी, जबकि संगम अब भी असमंजस में है। आने वाले एपिसोड्स में दोनों के बीच पैदा होने वाली गलतफहमियां हास्य और मनोरंजन का नया रंग भरेंगी। उन्होंने कहा कि भारतीय परिवार अक्सर ‘लोग क्या कहेंगे’ जैसी सोच से घिरे रहते हैं और शो का नया ट्रैक इसी मानसिकता को मजेदार अंदाज़ में पेश करेगा। अपने होम स्टेट उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दर्शकों का प्यार मिलना उनके लिए बेहद भावुक अनुभव रहा।

हंसी-मजाक और अफरा-तफरी के बीच रिश्तों की गर्माहट
रमनीक कटारिया ने कहा कि संगम का किरदार एक रात के लिए बहू बनकर बच्चन परिवार में आता है, लेकिन वहां बिताया हर पल उसकी जिंदगी को नई दिशा देता है। उनके अनुसार कहानी की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि हंसी-मजाक और अफरा-तफरी के बीच रिश्तों की गर्माहट और अपनापन लगातार उभरकर सामने आता है। उन्होंने कहा कि लखनऊ की संस्कृति और लोगों का स्नेह बिल्कुल वैसा ही है, जैसा शो की कहानी में दिखाया गया है, इसलिए इस शहर में दर्शकों के साथ सफलता का जश्न मनाना उनके लिए बेहद खास रहा।
विचारों का टकराव ही दर्शकों को सबसे ज्यादा पसंद
अंश मनुजा ने कहा कि शो इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। उनका किरदार सतलुज बच्चन परिवार का एंग्री यंग मैन है, जो बिना लाग-लपेट के सच बोलता है। उन्होंने बताया कि कृष्णा और सतलुज के विचारों का टकराव ही दर्शकों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है। अंश ने कहा कि वह कानपुर से हैं और उत्तर प्रदेश उनका गृह राज्य है, इसलिए अपने राज्य में शो की सफलता का जश्न मनाना उनके लिए भावनात्मक पल रहा।
जेन-ज़ी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है: सचिन जीत
सचिन जीत सिंह ने भी लखनऊ दौरे को अपने जीवन का खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि लखनऊ का रहने वाला होने के नाते अपने शहर में ऐसे शो के साथ लौटना, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है, गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि उनका किरदार माही आज की जेन-ज़ी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करता है, जो सोशल मीडिया से जुड़ा है, अपनी राय खुलकर रखता है और दुनिया को अपने नजरिए से देखता है। सचिन ने कहा कि यह उनके लिए खुशी की बात है कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी यह कहानी देशभर के दर्शकों के दिलों तक पहुंच रही है।