
बाराबंकी। डीएम बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संभावित बाढ़-2026 की तैयारियों एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित सभी ग्रामों में व्यापक जनजागरूकता के उद्देश्य से ग्राम चौपालों का आयोजन कराया जाए, जिससे ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव, राहत व्यवस्था एवं आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी समय रहते उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से पूर्व ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वेक्षण पूर्ण करा लिया जाए, ताकि क्षति होने की स्थिति में किसानों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जा सके।
डीएम बाराबंकी ने सिंचाई एवं संबंधित विभागों को नदी किनारे स्थित सभी तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण कर उनकी स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यक मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कटान संभावित संवेदनशील ग्रामों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने तथा बाढ़ से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ प्रभावित ग्रामों में स्थापित सभी हैंडपंपों का रीबोर कराकर उन्हें पूर्णतः क्रियाशील रखा जाए, जिससे पेयजल की उपलब्धता बाधित न हो। स्वास्थ्य विभाग को वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता एवं टीकाकरण सहित सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने तथा पशुपालन विभाग को पशुओं के उपचार, टीकाकरण एवं चारे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
7 राहत शिविर एवं 4 बाढ़ चौकियां स्थापित
बैठक में बताया गया कि बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद में 22 मॉडल शरणालय/राहत शिविर एवं 10 बाढ़ चौकियों की स्थापना प्रस्तावित है। इनमें तहसील रामसनेहीघाट में 6 राहत शिविर एवं 3 बाढ़ चौकियां, तहसील रामनगर में 9 राहत शिविर एवं 3 बाढ़ चौकियां तथा तहसील सिरौलीगौसपुर में 7 राहत शिविर एवं 4 बाढ़ चौकियां स्थापित की जाएंगी।
बाढ़ तैयारियों का लक्ष्य ‘जीरो कैजुअल्टी’ हो
बाराबंकी डीएम ने निर्देश दिए कि सभी संवेदनशील स्थलों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा संचालित होने वाली प्रत्येक नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि जनपद की समस्त बाढ़ तैयारियों का लक्ष्य ‘जीरो कैजुअल्टी’ होना चाहिए तथा सभी विभाग इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पूर्ण समन्वय एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करें।
जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
जिलाधिकारी बाराबंकी ने सर्पदंश से होने वाली मृत्यु की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्पदंश की घटना होने पर पीड़ित को बिना विलंब निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जाए तथा चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार पूर्ण उपचार के उपरांत ही अस्पताल से छुट्टी दी जाए। उन्होंने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम किट उपलब्ध रखने के निर्देश देते हुए कहा कि लोग झाड़-फूंक जैसी अवैज्ञानिक पद्धतियों के बजाय तत्काल चिकित्सकीय उपचार प्राप्त करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए।
आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश
बाराबंकी डीएम ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाढ़ से संबंधित शासन द्वारा निर्धारित मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी संसाधन पूर्णतः तैयार रखें। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी नियमित रूप से संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए विभागीय तैयारियों की सतत समीक्षा करें, जिससे किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।