
पंकज चतुर्वेदी
बाराबंकी। रामनगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक शरद कुमार अवस्थी के वर्ष 2017 से 2022 तक के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों की चर्चा आज भी क्षेत्र में होती है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और धार्मिक पर्यटन से जुड़े कई कार्यों को स्थानीय लोग उनके कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में याद करते हैं।
पूर्व विधायक के कार्यकाल में रामनगर-फतेहपुर मुख्य मार्ग तथा सूरतगंज-कोटवाधाम लिंक रोड का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया गया। इसके अलावा 50 से अधिक गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने का कार्य भी हुआ। एक ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के अनुसार, पहले बरसात के दौरान गांव तक पहुंचना मुश्किल होता था, लेकिन सड़क बनने के बाद अब एम्बुलेंस समेत अन्य वाहन आसानी से गांव तक पहुंच जाते हैं।
‘हर घर नल’ योजना की शुरुआत
बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 15 से अधिक गांवों में क्षमता वृद्धि के साथ नए ट्रांसफार्मर स्थापित कराए गए, जिससे लो-वोल्टेज की समस्या में राहत मिली। वहीं रामनगर कस्बे में जल निगम के सहयोग से एक लाख लीटर क्षमता का ओवरहेड टैंक बनवाया गया और ‘हर घर नल’ योजना की शुरुआत कराई गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्तमान में क्षेत्र के अधिकांश घरों तक नल से पेयजल पहुंच रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती और अल्ट्रासाउंड मशीन की व्यवस्था कराई गई। शिक्षा क्षेत्र में नए प्राथमिक विद्यालय भवनों का निर्माण कराया गया, जबकि रामनगर और सूरतगंज के राजकीय इंटर कॉलेजों में विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित की गईं।
पांच हजार किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ
कृषि क्षेत्र में सूरतगंज में 100 मीट्रिक टन क्षमता का किसान सेवा केंद्र स्थापित कराया गया, जिससे किसानों को खाद और बीज एक ही स्थान पर उपलब्ध होने लगे। इसके अलावा शारदा सहायक नहर की रामनगर रजबहा और सूरतगंज माइनर की सिल्ट सफाई एवं पक्कीकरण कराया गया, जिससे लगभग 20 गांवों के करीब पांच हजार किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की बात कही जाती है।
लोधेश्वर महादेवा मंदिर का कायाकल्प
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लोधेश्वर महादेवा मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग से लगभग 2.5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराया गया। इसके तहत मंदिर मार्ग का विकास, यात्री शेड, हाईमास्ट लाइट और पेयजल जैसी सुविधाएं विकसित की गईं, जिससे महाशिवरात्रि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने लगीं।
स्थानीय व्यापारी नेता रमेश गुप्ता का कहना है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान पूर्व विधायक ने लखनऊ से ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने और जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं करौता गांव के किसान रामसजीवन के अनुसार, उनके गांव में पहली बार पक्की सड़क और नाली का निर्माण इसी कार्यकाल में हुआ।
विकासोन्मुख जनप्रतिनिधि के रूप मिली पहचान
गौरतलब है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में शरद कुमार अवस्थी ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी को 22,184 मतों से पराजित किया था। वर्ष 2022 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी सक्रियता बनी रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्ष 2017 से 2022 के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिए जाने से शरद कुमार अवस्थी की पहचान क्षेत्र में विकासोन्मुख जनप्रतिनिधि के रूप में बनी। हालांकि, उपरोक्त दावों और उपलब्धियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों के अपने-अपने दृष्टिकोण भी हैं।