NDA की मंगल मिलन बैठक में PM मोदी ने पेपर लीक पर सख्त रुख अपनाया। बोले- युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नई दिल्ली/अमर भारती। संसद भवन में NDA संसदीय दल की विशेष बैठक, PM मोदी को सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर सम्मानित किया जाएगा; नई पार्टी NCPI बैठक से रही दूर नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की विशेष ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। संसद भवन की लाइब्रेरी बिल्डिंग स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में शुरू हुई इस बैठक का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सम्मानित करना और राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत करना है। बैठक में NDA के घटक दलों के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी और पेपर लीक जैसी घटनाओं को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को भरोसा दिलाया कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पेपर लीक पर PM मोदी का सख्त संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। पेपर लीक में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। PM मोदी ने यह भी कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के छात्रों और युवाओं के हित में सभी दलों को मिलकर समाधान तलाशना चाहिए।
NDA नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी
बैठक में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल भी पहुंचे। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जी. किशन रेड्डी समेत कई वरिष्ठ नेता बैठक स्थल पर पहुंच चुके थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी बैठक में शामिल हुए। NDA की इस बैठक को केंद्र सरकार और गठबंधन के बीच एकजुटता दिखाने वाले महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
PM मोदी के सम्मान में पारित होगा बधाई प्रस्ताव
बैठक के दौरान NDA के सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बड़ी उपलब्धि पर उनके सम्मान में बधाई प्रस्ताव पारित करेंगे। नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। बधाई प्रस्ताव पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठक को संबोधित करेंगे। इस दौरान वह सरकार की प्राथमिकताओं, गठबंधन की भूमिका और देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी अपने विचार रख सकते हैं।
पहली NDA संसदीय बैठक को लेकर सांसदों में उत्साह
भाजपा सांसद अशोक मित्तल ने अपनी पहली NDA-भाजपा संसदीय दल की बैठक में शामिल होने को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को सुनने का अवसर मिलेगा। मित्तल के मुताबिक, देश को आगे ले जाने की दिशा और सांसदों को किस तरह काम करना चाहिए, इस बैठक से उन्हें महत्वपूर्ण मार्गदर्शन मिलने की उम्मीद है।
NDA की बैठक से NCPI रही दूर
जहां NDA की बैठक में गठबंधन ने एकजुटता का संदेश दिया, वहीं नवगठित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) इस संयुक्त बैठक में शामिल नहीं हुई। NCPI में तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसद शामिल हैं, जिन्होंने NDA सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष की ओर से अभी तक NCPI के बैनर तले हुए इस समूह के विलय को औपचारिक मान्यता नहीं दी गई है। इसी वजह से पार्टी के सांसद NDA की संयुक्त संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए।
सुदीप बंद्योपाध्याय ने बताई NCPI की भूमिका
NCPI के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में रविवार को पार्टी की पहली स्वतंत्र संसदीय दल की बैठक हुई थी। बैठक के बाद उन्होंने कहा था कि पार्टी के सांसदों के लिए सीटों का आवंटन, डिवीजन नंबर और अलग विधायी ब्लॉक स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि NCPI ने NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है और सदन में चर्चा के लिए आने वाले मुद्दों पर पार्टी पूरी तरह भाग लेगी। साथ ही उन्होंने संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने की जरूरत पर भी जोर दिया।
सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि यदि किसी सांसद को पश्चिम बंगाल में अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर परेशानी आती है, तो इन मामलों को राज्य की मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय मुद्दों को अनावश्यक रूप से दिल्ली की राजनीति का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। NDA की यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब संसद के मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक, युवाओं के भविष्य और विपक्ष के विरोध जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पेपर लीक पर सख्त संदेश सरकार की परीक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता को दर्शाता है।
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