भारत-अमेरिका FTA के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू बॉर्डर सील; पंजाब-हरियाणा सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात

भारत-अमेरिका प्रस्तावित FTA के विरोध में सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में किसानों का दिल्ली कूच। शंभू बॉर्डर सील, खनौरी में भारी सुरक्षा और यातायात के लिए वैकल्पिक रूट जारी।

भारत-अमेरिका FTA के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, शंभू बॉर्डर सील
भारत-अमेरिका प्रस्तावित FTA के विरोध में किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।

नई दिल्ली/अमर भारती। सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में ‘देश बचाओ मोर्चा’ का ऐलान, किसान घाट पर चार घंटे चली रैली; शंभू और खनौरी बॉर्डर पर कंक्रीट बैरिकेडिंग और अर्धसैनिक बलों की तैनाती नई दिल्ली/चंडीगढ़। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर के नेतृत्व में ‘देश बचाओ मोर्चा’ के तहत किसानों ने दिल्ली कूच का ऐलान किया है।

मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर जुटे, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए हरियाणा प्रशासन ने शंभू बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया है। इसके साथ ही इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए हैं। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं।

किसान घाट पर चार घंटे चली बड़ी रैली

दिल्ली की ओर बढ़ने से पहले किसानों ने किसान घाट पर करीब चार घंटे तक बड़ी रैली की। किसान संगठनों का आरोप है कि भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर किसानों से कोई राय नहीं ली गई है। किसानों को आशंका है कि FTA लागू होने के बाद अमेरिका से सस्ते कृषि उत्पाद बड़ी मात्रा में भारतीय बाजारों में आ सकते हैं। इनमें सोयाबीन, ड्राय फ्रूट्स, डेयरी उत्पाद और अनाज समेत कई वस्तुएं शामिल हैं। किसान संगठनों का कहना है कि सस्ते आयात से भारतीय किसानों के उत्पादों की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है और छोटे किसानों, कृषि मजदूरों तथा स्थानीय व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसान नेताओं का कहना है कि यह केवल व्यापार समझौते का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था और करोड़ों किसानों की आजीविका से जुड़ा सवाल है।

शंभू बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा, रास्ते पूरी तरह बंद

किसानों के दिल्ली कूच के मद्देनजर हरियाणा पुलिस ने शंभू और खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सीमा पर कंक्रीट के बड़े स्लैब, भारी बैरिकेड और अन्य अवरोधक लगाए गए हैं। प्रशासन ने दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे पर भी बड़े ट्रक और ट्राले खड़े कर रास्ते को बंद कर दिया है। इसके अलावा अर्धसैनिक बलों और हरियाणा पुलिस की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल पंजाब की ओर से किसी भी व्यक्ति को हरियाणा की सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। खनौरी बस स्टैंड और आसपास के इलाकों में भी भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस लगातार किसानों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, कुछ किसान एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। किसान फिलहाल वहीं शांतिपूर्वक बैठे हुए हैं और शंभू बॉर्डर पर मौजूद किसान नेतृत्व के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

दिल्ली-पंजाब के बीच यातायात प्रभावित, वैकल्पिक रूट जारी

शंभू बॉर्डर बंद होने के कारण दिल्ली और पंजाब के बीच आने-जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग सुझाए गए हैं।

दिल्ली से पंजाब जाने वाले वाहन

रूट 1: अंबाला छावनी → चंडीगढ़ मार्ग → लालड़ू → डेरा बस्सी → जीरकपुर → पंजाब

रूट 2: लालड़ू या डेरा बस्सी से वैकल्पिक मार्गों के जरिए जीरकपुर और पंजाब की ओर जा सकते हैं।

पंजाब से दिल्ली जाने वाले वाहन

रूट 1: राजपुरा → लालड़ू → डेरा बस्सी → जीरकपुर → अंबाला छावनी → दिल्ली

रूट 2: राजपुरा, लालड़ू और डेरा बस्सी से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करते हुए अंबाला छावनी पहुंचकर दिल्ली की ओर जा सकते हैं।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लें और बंद रास्तों की ओर जाने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क किया जा सकता है।

किसान संगठनों का क्या कहना है?

किसान संगठनों का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील का सीधा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ सकता है। उनका आरोप है कि यदि सस्ते कृषि उत्पादों का आयात बढ़ता है तो भारतीय किसानों को अपनी फसलों का उचित मूल्य मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी आशंका को लेकर किसानों ने दिल्ली कूच का आह्वान किया है। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार को किसी भी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े संगठनों से बातचीत करनी चाहिए। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

तनावपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण माहौल

किसानों के आंदोलन और बॉर्डर सील किए जाने के बाद शंभू और खनौरी सीमा पर तनावपूर्ण लेकिन फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है, जबकि किसान संगठन अपने अगले कदम को लेकर नेतृत्व के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।गौरतलब है कि पिछले किसान आंदोलन के दौरान भी खनौरी बॉर्डर लंबे समय तक बंद रहा था और करीब 13 महीने तक यहां यातायात प्रभावित रहा था। ऐसे में इस बार किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आ रहा है।

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