
परियर (उन्नाव)। सावन माह और गंगा नदी में संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गौर और उपजिलाधिकारी राजेश विश्वकर्मा ने परियर क्षेत्र का दौरा कर गंगा तट तक जाने वाले मार्गों तथा बाढ़ राहत शिविरों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान एडीएम ने गंगा तट तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों की स्थिति देखी। बरसात के कारण कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त और जलभराव की समस्या मिली। इस पर उन्होंने संबंधित विभागों को तत्काल मरम्मत कराकर मार्गों को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सावन में कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, इसलिए रास्तों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतक लगाए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
इसके बाद अधिकारियों ने जानकी कुंड आश्रम में बनाए गए बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने पेयजल, शौचालय, बिजली, दवाइयों और खाद्यान्न जैसी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद सदर तहसीलदार मनीष द्विवेदी तथा लेखपाल प्रदीप, योगेश, शैलेश और दीपचंद्र को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि बाढ़ की स्थिति बनने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रहे। नाव, गोताखोर, लाइफ जैकेट और सर्च लाइट जैसी आपदा राहत सामग्री पहले से उपलब्ध रखने तथा राहत सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान बिठूर-परियर मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया का मुद्दा भी सामने आया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया का निर्माण कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिससे बरसात में वैकल्पिक मार्ग पर जलभराव होने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन, स्कूली बच्चे और मरीज गुजरते हैं, जबकि सावन के दौरान लाखों कांवड़िये भी इसी रास्ते से निकलते हैं।
ग्रामीणों की शिकायत पर एडीएम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अभियंता को मौके पर बुलाकर नाराजगी जताई और एक सप्ताह के भीतर पुलिया निर्माण कार्य पूरा कर मार्ग चालू कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। तय समय सीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, पीडब्ल्यूडी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा परियर चौकी प्रभारी अनिल कुमार राजपूत पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। एडीएम सुशील कुमार गौर ने कहा कि जिला प्रशासन सावन और संभावित बाढ़ दोनों परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, गोताखोर और मेडिकल टीम की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा स्नान के दौरान पूरी सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि यदि पुलिया का निर्माण समय पर पूरा हो जाता है तो क्षेत्रवासियों के साथ-साथ सावन में आने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी राहत मिलेगी।