NEET पेपर लीक के खिलाफ CJP का आंदोलन जारी है। सोनम वांगचुक अस्पताल में अनशन पर हैं। सरकार ने बातचीत की पहल की है और संसद में छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग पर सहमति की खबर है।

नई दिल्ली/अमर भारती। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। संसद मार्च के बाद भी प्रदर्शनकारियों का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। इसी बीच मोदी सरकार ने बातचीत के जरिए गतिरोध खत्म करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की है। बुधवार, 22 जुलाई को CJP प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का एक और दौर होने की संभावना है।
डॉ. जितेंद्र सिंह से मिल सकते हैं CJP प्रतिनिधि
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह बुधवार को CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात कर सकते हैं। यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है, जब मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार बातचीत के माध्यम से छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने के लिए तैयार है। मंगलवार देर रात हुई मुलाकात में सबसे अहम मुद्दा संसद में छात्र आंदोलन पर चर्चा कराने का रहा। बताया जा रहा है कि सरकार ने इस मांग पर सहमति जताई है। यदि ऐसा होता है तो लंबे समय से जारी गतिरोध को खत्म करने की दिशा में इसे बड़ी पहल माना जा सकता है।
संसद में छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग
सोनम वांगचुक लंबे समय से छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाए जाने की मांग कर रहे हैं। CJP और प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है। संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को छात्रों की समस्याओं पर सदन में चर्चा कर जवाब देना चाहिए।
अस्पताल में अनशन पर सोनम वांगचुक
दिल्ली में हुए हालिया प्रदर्शनों के बाद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद हुई। सोनम वांगचुक अस्पताल में अनशन पर हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर समर्थकों और प्रदर्शनकारियों में चिंता बनी हुई है। इसी बीच केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेताओं की उनसे मुलाकात को बातचीत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की कोशिशों से उम्मीद जगी है कि लंबे समय से चले आ रहे विवाद का कोई समाधान निकाला जा सकता है।
सरकार ने कहा- बातचीत के दरवाजे खुले हैं
मोदी सरकार पहले भी कह चुकी है कि वह बातचीत के लिए तैयार है। राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन तेज होने और संसद मार्च के बावजूद केंद्र सरकार ने आंदोलनकारी पक्ष के साथ संवाद की संभावनाओं को बंद नहीं किया है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से यह संदेश दिया गया था कि बातचीत के दरवाजे खुले हैं। अब बुधवार को डॉ. जितेंद्र सिंह और CJP प्रतिनिधियों के बीच संभावित बैठक को इसी संवाद प्रक्रिया की अगली कड़ी माना जा रहा है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी हिरासत में लिए गए
छात्र आंदोलन के मुद्दे को लेकर मंगलवार को दिल्ली में राजनीतिक हलचल भी तेज रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्षी नेताओं ने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि NEET पेपर लीक और छात्रों की समस्याओं पर संसद में खुली चर्चा होनी चाहिए।
क्या खत्म होगा लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध?
अब सभी की नजर बुधवार को होने वाली संभावित बैठक पर है। यदि सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत सकारात्मक रहती है और संसद में छात्र आंदोलन पर चर्चा की मांग को लेकर सहमति आगे बढ़ती है, तो आंदोलन और सरकार के बीच जारी गतिरोध कम हो सकता है।
फिलहाल CJP का प्रदर्शन जारी है और सोनम वांगचुक अस्पताल में अनशन पर हैं। ऐसे में सरकार की बातचीत की पहल को आंदोलन को शांत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि बुधवार की बैठक में दोनों पक्षों के बीच किन मुद्दों पर सहमति बनती है और क्या इस बातचीत के बाद छात्र आंदोलन को लेकर कोई बड़ा समाधान सामने आता है।
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