
लखनऊ। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने प्रदेश के सभी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और जलकल कर्मचारियों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने तथा आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उनका कहना है कि वर्ष 2017 से अब तक कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सैकड़ों ज्ञापन सौंपे गए, कई दौर की वार्ताएं हुईं और विभिन्न चरणों में आंदोलन भी किए गए, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
महासंघ ने अपनी प्रमुख मांगों में स्थानीय निकाय कर्मचारियों के लिए एक केंद्रीकृत सेवा नियमावली लागू करने, वर्ष 2001 तक नियुक्त दैनिक वेतनभोगी, संविदा एवं सफाई कर्मियों का विनियमितीकरण करने, छठे वेतन आयोग के बाद उत्पन्न वेतन विसंगतियों को दूर करने, कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने तथा मृतक आश्रितों को नियुक्ति देने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया है। महासंघ का कहना है कि इन मांगों के पूरा न होने से कर्मचारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है।
प्रदेशभर में बैठकों का अभियान शुरू
महासंघ ने 20 जुलाई 2026 से 10 अगस्त 2026 तक गाजियाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा, बरेली, मेरठ समेत प्रदेश के विभिन्न नगर निकायों में दौरा और बैठक कार्यक्रम तय किया है। इसी क्रम में मंगलवार को गाजियाबाद में आयोजित बैठक में प्रदेश महामंत्री रमाकांत मिश्रा और प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना हजारिया ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए 10 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की और आंदोलन की रणनीति साझा की।
मांगें नहीं मानीं तो चुनाव में सरकार को होगा नुकसान: महासंघ
बैठक के दौरान महासंघ ने प्रदेश सरकार और शासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आगामी ग्राम पंचायत से लेकर लोकसभा चुनाव तक कर्मचारी सरकार के खिलाफ एकजुट होकर “वोट पर चोट” की रणनीति अपनाएंगे। साथ ही सभी इकाइयों से संगठन को आर्थिक सहयोग देकर आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने की भी अपील की गई।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र, प्रदेश महामंत्री रमाकांत मिश्र, प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश अग्निहोत्री, प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना हजारिया, रामकुमार रावत, शैलेंद्र तिवारी, विजय यादव, सपन सिंह, मिशन पाल सिंह, चालक संघ के अध्यक्ष सलीम अब्बासी, संजय शर्मा, जयदेव कौशिक, प्रदीप शर्मा, महक सिंह, राम सिंह पटेल, भगवत शरण, राजेंद्र सिंह, प्रदीप राणा, गाजियाबाद के महामंत्री जावेद सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश संगठन मंत्री कुलदीप शर्मा ने किया।