वाराणसी के एक निजी स्कूल में 5 वर्षीय बच्चे को पैंट में पेशाब करने पर गर्म चाकू से जलाने का आरोप लगा है। पिता की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नई दिल्ली/अमर भारती। वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक निजी स्कूल की महिला शिक्षिका पर 5 वर्षीय बच्चे को गर्म चाकू से जलाने का आरोप लगा है। आरोप है कि बच्चे ने पैंट में पेशाब कर दिया था, जिससे नाराज होकर शिक्षिका ने उसे दूसरे कमरे में ले जाकर गर्म चाकू से उसके निजी अंग को जला दिया। पीड़ित बच्चा वाराणसी के एक निजी स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ता है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बाथरूम जाने की इजाजत मांगने पर नहीं मिली अनुमति
परिजनों के मुताबिक, 24 जुलाई को बच्चे ने क्लास टीचर से बाथरूम जाने की अनुमति मांगी थी। आरोप है कि शिक्षिका ने उसे बाथरूम जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद बच्चे का नियंत्रण छूट गया और उसने कक्षा में ही पेशाब कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज महिला शिक्षिका बच्चे को दूसरे कमरे में ले गई। वहां गैस पर चाकू गर्म करने के बाद उसने कथित तौर पर बच्चे को जला दिया। इस घटना के बाद बच्चा बेहद डरा हुआ घर पहुंचा और रोते हुए परिजनों को पूरी घटना बताई।
घर पहुंचकर बच्चे ने रोते हुए बताई आपबीती
परिजनों का कहना है कि घर पहुंचने के बाद बच्चा काफी सहमा हुआ था। उसने रोते हुए अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने संबंधित शिक्षिका से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उसने फोन नहीं उठाया। बच्चे की हालत देखकर परिजनों ने स्कूल प्रशासन से भी जवाब मांगने की कोशिश की। पीड़ित बच्चे के पिता पेशे से अधिवक्ता हैं। उनका आरोप है कि जब उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल से मामले में बात की, तो सहयोग करने के बजाय उन्हें धमकी दी गई।
प्रिंसिपल और प्रबंधक पर भी सहयोग नहीं करने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, 25 जुलाई को जब वे स्कूल पहुंचे, तो प्रिंसिपल और प्रबंधक से मामले में जवाब मांगा गया। आरोप है कि स्कूल प्रशासन ने परिवार की मदद करने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना है कि बच्चे की गंभीर हालत और उसके मानसिक डर को देखते हुए उन्होंने पुलिस से शिकायत करने का फैसला किया।
पिता की शिकायत पर FIR दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
पीड़ित पिता की लिखित शिकायत के आधार पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी अतुल सिंह के मुताबिक, शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के दौरान बच्चे के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, स्कूल में मौजूद लोगों और अन्य संभावित साक्ष्यों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांच साल की उम्र के बच्चे स्कूल में पूरी तरह शिक्षकों और स्टाफ पर निर्भर होते हैं। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की हिंसा या अमानवीय व्यवहार बेहद गंभीर मामला है। अब इस मामले में पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ, घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और स्कूल प्रशासन की भूमिका क्या रही। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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