
बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने के बाद प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को और तेज कर दिया है। शनिवार को उपजिलाधिकारी आकांक्षा गुप्ता और तहसीलदार विपुल कुमार सिंह ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर वहां की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और राहत कैंपों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा एवं पशु चिकित्सा टीमों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही पीड़ित परिवारों को सूखा राशन, स्वच्छ पेयजल, आवश्यक दवाइयां तथा पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया गया, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
एल्गिन ब्रिज पर शनिवार को सरयू नदी का जलस्तर 105.95 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी बिंदु से नीचे है। जलस्तर कम होने के कारण नदी अब अपने जल-क्षेत्र में प्रवाहित हो रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में हालात सामान्य होने लगे हैं। आवागमन पूरी तरह सुचारु है और बाढ़ का खतरा फिलहाल टलता दिखाई दे रहा है।
लेखपालों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के दिए निर्देश
इस दौरान एसडीएम आकांक्षा गुप्ता ने संबंधित लेखपालों को बाढ़ से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक राहत कार्य निरंतर जारी रहेंगे और नदी किनारे के क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी भी लगातार बनी रहेगी। वहीं, समय पर राहत सामग्री और आवश्यक सहायता मिलने से प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए संतोष व्यक्त किया।