PoK में प्रदर्शनकारियों पर कथित कार्रवाई को लेकर UN ने चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

नई दिल्ली/अमर भारती। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी अशांति और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई है। UN ने कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए और यदि किसी व्यक्ति को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण नुकसान पहुंचा है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
UN ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने को कहा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के डिप्टी प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि सभी अधिकारियों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। फरहान हक ने यह भी कहा कि महासचिव मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क के काम का समर्थन करते हैं और उनकी अपीलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
इंटरनेट और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध पर चिंता
UN की चिंता ऐसे समय सामने आई है जब PoK में सार्वजनिक सभाओं और इंटरनेट पहुंच पर पाबंदियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों से नागरिकों के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपील की है।
मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने भी क्षेत्र में बढ़ती अशांति और प्रदर्शनकारियों की मौतों पर चिंता जताई है। उन्होंने पाकिस्तान से Joint Awami Action Committee यानी JAAC पर लगाए गए प्रतिबंध और उसके नेताओं की गिरफ्तारी की निष्पक्ष तथा गहन जांच की मांग की है।
बातचीत से समाधान निकालने की अपील
UN के मुताबिक, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले जून से जारी तनाव के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौतें हुई हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और हिंसा से बचने की अपील की है। मानवाधिकार प्रमुख ने पाकिस्तान के अधिकारियों से स्थानीय लोगों की मूल समस्याओं को सार्थक और समावेशी राजनीतिक संवाद के जरिए हल करने का आग्रह किया है।
40 से ज्यादा मौतों के दावे पर विवाद
JAAC की ओर से दावा किया गया है कि 27 जुलाई को पहले चरण के मतदान के दौरान 40 से अधिक लोग मारे गए। संगठन ने जून के पहले सप्ताह से अब तक करीब 400 प्रदर्शनकारियों के मारे जाने का भी दावा किया है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन आंकड़ों को अतिशयोक्तिपूर्ण बताते हुए खारिज किया है। ऐसे में मौतों के आंकड़ों पर अभी दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। UN का जोर फिलहाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार, नागरिक स्वतंत्रता, जवाबदेही और राजनीतिक संवाद पर है।
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