लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण से बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं: बाराबंकी में विरासत और विकास की यात्रा प्रगति पर: राज्य सूचना आयुक्त

पंकज चतुर्वेदी

बाराबंकी। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि बाराबंकी में विरासत और विकास की यात्रा लगातार प्रगति पर है। इस यात्रा में जन सूचना अधिकारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है और उन्हें अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने रामनगर निरीक्षण गृह में कहा कि बाराबंकी में विरासत को सम्मान देने के साथ-साथ विकास को भी गति दी जा रही है। इससे जिले में सांस्कृतिक गौरव की अनुभूति के साथ विकास की नई संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों का विकास केवल ढांचागत निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय चेतना के उत्थान और भारतीय परंपराओं की पुनर्स्थापना से भी जुड़ा हुआ है। वर्तमान प्रदेश सरकार इसी विचार को केंद्र में रखते हुए प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास को आगे बढ़ा रही है। बाराबंकी भी इसी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

लोधेश्वर महादेव मंदिर में बनेगा भव्य कॉरिडोर

राज्य सूचना आयुक्त ने बताया कि बाराबंकी स्थित भगवान लोधेश्वर महादेव के पवित्र मंदिर के भव्य कॉरिडोर के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने धनराशि स्वीकृत की है। उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए कहा कि इन कार्यों को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई। उन्होंने रामनगर स्थित बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया और धार्मिक स्थलों के विकास को क्षेत्र की आस्था एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़कर देखने की बात कही।

उन्होंने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर का भव्य कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इसकी घोषणा की गई थी। कॉरिडोर के निर्माण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही क्षेत्र में तीर्थाटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा होंगे।

करीब साढ़े पांच सौ करोड़ की योजनाओं से विकास को मिलेगी रफ्तार

डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि बाराबंकी को करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात मिली है। इन योजनाओं के माध्यम से जिले में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के साथ विकास की गति को और तेज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में क्षेत्र को विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि बाराबंकी की भौगोलिक स्थिति इसे विकास की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। एक ओर लखनऊ और दूसरी ओर अयोध्या जैसे प्रमुख शहर हैं। ऐसे में लखनऊ और अयोध्या तक पहुंचने वाले विकास का प्रभाव बाराबंकी पर भी पड़ेगा। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और विकास परियोजनाओं के विस्तार से जिले को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।