Independence Day 2026 पर देशभर में आजादी का जश्न मनाया गया। दिल्ली से राज्यों तक ध्वजारोहण, परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति की झलक दिखी।

नई दिल्ली। देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक तिरंगा शान से लहराया। राजधानी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और देश को संबोधित किया, वहीं राज्यों में मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों और वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन किया। देशभर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत और विभिन्न जनभागीदारी कार्यक्रम आयोजित किए गए।
दिल्ली में लाल किले से पीएम मोदी का संदेश
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान विकसित भारत@2047, युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता, तकनीक और भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर रहा।
इस वर्ष समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को भी विशेष स्थान मिला। लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति से देशभक्ति एक दृश्य ओर शामिल होने से स्पष्टता दिख रही थी। समारोह में बड़ी संख्या में विशेष अतिथि, छात्र, एनसीसी कैडेट और विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोग शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश में देशभक्ति के रंग
उत्तर प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी लखनऊ समेत सभी जिलों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए एकता, देशभक्ति और देश के विकास में योगदान का संदेश दिया। स्कूलों, सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराया गया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
हरियाणा में परेड और ‘वंदे मातरम्’ की गूंज
हरियाणा का राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह हिसार जिले के हांसी स्थित राजकीय कॉलेज में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं और सुरक्षा बलों ने हिस्सा लिया। समारोह में ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।
राजस्थान में बीकानेर बना समारोह का केंद्र
राजस्थान में इस बार राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह बीकानेर में आयोजित किया गया। शहर को तिरंगे और रोशनी से सजाया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। देशभक्ति पर सीएम ने राज्य का दिल जीत लिया। कार्यक्रम में परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ राजस्थान की लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में मंत्रियों को स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों की जिम्मेदारी सौंपी थी।
गुजरात में अमरेली से दिखा राष्ट्रभक्ति का रंग
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अमरेली में आयोजित कार्यक्रम में तिरंगा फहराया। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित हुए। वडोदरा में उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने भी ध्वजारोहण कार्यक्रम का नेतृत्व किया। कार्यक्रमों में राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और विकास का संदेश प्रमुख रहा।
महाराष्ट्र में तिरंगे के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम
महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, नागपुर समेत राज्य के विभिन्न शहरों और जिलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए। सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर ध्वजारोहण हुआ। स्कूलों में देशभक्ति गीत, भाषण, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। मुंबई में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शहर के प्रमुख स्थानों को तिरंगे की रोशनी से सजाया गया।
कर्नाटक में तकनीक और विकास का संदेश
कर्नाटक का राज्य स्तरीय समारोह बेंगलुरु के फील्ड मार्शल मानेकशॉ परेड ग्राउंड में हुआ। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सुबह राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली वहीं देशभक्ति गीत गाए गए।। कार्यक्रम में करीब 1,360 प्रतिभागियों के शामिल होने और लगभग 8,000 लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई थी। मुख्यमंत्री ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस संबोधन में युवाओं के लिए रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बेंगलुरु से आगे तकनीकी विकास को विस्तार देने पर जोर दिया।
तमिलनाडु में सीएम विजय का पहला स्वतंत्रता दिवस समारोह
तमिलनाडु में चेन्नई के ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज में राज्य का मुख्य समारोह आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री विजय ने पहली बार मुख्यमंत्री के रूप में स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। उन्होंने ध्वजारोहण किया और राज्य की जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं, स्वच्छ प्रशासन, सामाजिक न्याय और नशामुक्त तमिलनाडु जैसे मुद्दों पर जोर दिया। देशभक्ति संगीत से पूरा ग्राउंड शांति सद्भाव में डूब गया।
झारखंड में मोरहाबादी मैदान में लहराया तिरंगा
झारखंड में रांची के मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में तिरंगा फहराया। समारोह में परेड और सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित हुए। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और यातायात व्यवस्था के लिए रूट डायवर्जन भी किया गया। दुमका में राज्यपाल ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में सलामी दी।
गोवा से त्रिपुरा तक तिरंगे की शान
गोवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पणजी स्थित अपने आधिकारिक आवास पर तिरंगा फहराया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
त्रिपुरा में मुख्यमंत्री माणिक साहा ने तिरंगा फहराया। उन्होंने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के जरिए देश में दिखाई दे रही देशभक्ति की भावना का उल्लेख किया।
जम्मू-कश्मीर में एकता और विकास का संदेश
जम्मू-कश्मीर में भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकारी संस्थानों, जिलों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों में ध्वजारोहण किया गया। उपराज्यपाल प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की ओर से स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए गए। देशभक्ति का जज्बा अब कश्मीर रकी वादियों में देखने को मिलता है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और संघीय व्यवस्था पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 80 साल पहले देश के नेताओं ने जो फैसला लिया था, वह सही था।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी दिखा उत्साह
अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में भी स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन, विद्यार्थियों और आम लोगों ने समारोहों में हिस्सा लिया।
अरुणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्य में स्वतंत्रता दिवस का संदेश राष्ट्रीय एकता, देशभक्ति और सीमा सुरक्षा से भी जुड़ा रहा। इसी बीच तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर कर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले तिरंगा फहराया जाना भी खास चर्चा में रहा। यह क्षेत्र लंबे समय तक माओवादी प्रभाव वाला इलाका माना जाता था।
केरल में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर चर्चा
केरल में स्वतंत्रता दिवस समारोहों को लेकर ‘वंदे मातरम्’ पर भी चर्चा रही। राज्य के सामान्य शिक्षा विभाग ने स्कूलों के लिए जारी दिशा-निर्देशों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के गायन को अनिवार्य किया, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ गाने का निर्देश नहीं दिया। इस फैसले ने राज्य में राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया। देशभक्ति ने राष्ट्रप्रेम की अबरल धारा प्रवाहित की।
पंजाब से हिमाचल और उत्तराखंड तक देशभक्ति का रंग
पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में स्वतंत्रता दिवस समारोहों में देशभक्ति के साथ-साथ शहीदों और सैनिकों के बलिदान को याद किया गया। सीमावर्ती पंजाब में राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान को लेकर कुछ क्षेत्रों में उठे सवालों पर भी चर्चा हुई। वहीं पहाड़ी राज्यों में स्कूलों, प्रशासनिक कार्यालयों और जिला मुख्यालयों पर ध्वजारोहण किया गया।
पूर्व से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण एक ही रंग-तिरंगा
देश के बाकी राज्यों—बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और अन्य राज्यों—में भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य और जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित हुए। कहीं पारंपरिक लोकनृत्य ने लोगों का मन मोहा तो कहीं स्कूली बच्चों की देशभक्ति प्रस्तुतियों ने समारोह में रंग भर दिया।
राजधानी से लेकर गांव तक तिरंगा फहराया गया। सरकारी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों ने स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। देशभर में लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपना संकल्प दोहराया।
आजादी की विरासत से विकसित भारत के संकल्प तक
देशभक्ति में 15 अगस्त का यह पर्व केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के भारत के निर्माण का संकल्प भी है। 2026 का स्वतंत्रता दिवस ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब भारत तकनीक, अंतरिक्ष, रक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। लाल किले से लेकर राज्यों की राजधानियों और गांवों तक एक ही संदेश दिखाई दिया—तिरंगा देश की एकता, स्वतंत्रता और संप्रभुता का प्रतीक है। शहीदों के बलिदान को याद करते हुए देश ने विकसित, आत्मनिर्भर और मजबूत भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
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