तमोलिनपुरवा बांध रात में कटा, दर्जनों गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा


निघासन, खीरी। बाढ़ से दर्जनों गांवों को बचाने के लिए तैयार कराया गया करीब तीन किलोमीटर लंबा तमोलिनपुरवा बांध रविवार देर रात अराजकतत्वों की करतूत का शिकार हो गया। ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ लोग नाव से बांध तक पहुंचे और रात के अंधेरे में बांध को काटकर फरार हो गए। बांध कटने की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया और लोगों के सामने एक बार फिर बाढ़ का खतरा खड़ा हो गया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह के प्रयासों से तमोलिनपुरवा बांध को पहले की अपेक्षा अधिक मजबूत कराया गया था। कुछ माह पूर्व जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने भी मौके पर पहुंचकर बांध का स्थलीय निरीक्षण किया था। ग्रामीणों का कहना है कि इस वर्ष बाढ़ के दौरान बांध ने पानी के तेज बहाव को काफी हद तक रोककर आसपास के गांवों को राहत पहुंचाई थी।
पिछले साल भी काटा गया था बांध
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष भी अराजकतत्वों ने इसी बांध को काट दिया था। घटना के बाद राजा राजेश्वर सिंह की पहल पर बांध को और अधिक मजबूत कराया गया था। इसके बावजूद दोबारा बांध काटे जाने की घटना से ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार देर रात कुछ लोग नाव से बांध तक पहुंचे और अंधेरे का फायदा उठाकर बांध को काट दिया। इससे नदी के पानी के गांवों की ओर पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर बढ़ा तो कटे हुए हिस्से से पानी तेजी से आसपास के गांवों की ओर पहुंच सकता है।
प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से बांध के कटे हिस्से को तत्काल बंद कराने की मांग की है। साथ ही बांध की सुरक्षा बढ़ाने और रात में निगरानी की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि घटना की सूचना के बावजूद खबर लिखे जाने तक कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचा था। लोगों ने बांध काटने वाले अराजकतत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि तमोलिनपुरवा बांध दर्जनों गांवों के लिए बाढ़ से सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में बांध को नुकसान पहुंचाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।