लखनऊ में तेज बारिश में डिप्टी सीएम आवास का घेराव: लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर 50 से ज्यादा अभ्यर्थी डटे

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह तेज बारिश के बीच अलग-अलग जिलों से आए 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास का घेराव किया। अभ्यर्थी लाइब्रेरियन के पदों पर नई भर्ती निकालने की मांग को उनके आवास के बाहर पहुंच गए। बारिश के बावजूद अभ्यर्थी काफी देर तक डटे रहे और डिप्टी सीएम से मुलाकात कर अपनी मांग रखने की कोशिश करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती नहीं होने के कारण लाइब्रेरी साइंस की डिग्री हासिल कर चुके हजारों युवा नौकरी का इंतजार कर रहे हैं।

अभ्यर्थियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016 के बाद से लाइब्रेरियन के पदों पर कोई भर्ती नहीं हुई है। भर्ती की मांग को लेकर अभ्यर्थी इससे पहले भी उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के मुख्यालय और अन्य संबंधित कार्यालयों के बाहर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई स्थानों पर बिना लाइब्रेरी साइंस की डिग्री रखने वाले लोगों से लाइब्रेरी से संबंधित काम कराया जा रहा है, जबकि संबंधित विषय की पढ़ाई और डिग्री पूरी कर चुके युवा रोजगार के लिए लगातार भटक रहे हैं। अभ्यर्थियों ने मांग की कि PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन के पदों पर जल्द से जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

हाथ जोड़कर खड़े हुए अभ्यर्थी

सोमवार को जब डिप्टी सीएम बृजेश पाठक अपने आवास से बाहर निकले तो प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थी उनके सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए। कुछ युवाओं ने उनके पैर छूकर अपनी समस्या बताई। इस दौरान अभ्यर्थियों ने भावुक होकर कहा, ‘सर, नौकरी चाहिए।’ उनका कहना था कि नौकरी की मांग को लेकर वे लंबे समय से अलग-अलग अधिकारियों और विभागों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अभ्यर्थियों ने डिप्टी सीएम को याद दिलाया कि वे इससे पहले 25 अगस्त को भी उनसे मुलाकात कर चुके हैं। उस दौरान बृजेश पाठक ने UPSSSC के अध्यक्ष से फोन पर उनकी बात भी कराई थी, लेकिन अभ्यर्थियों के मुताबिक उस वार्ता का भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

14 मई, 2 जून और 19 जून को भी किया था प्रदर्शन

अभ्यर्थियों ने भावुक होकर बताया कि लाइब्रेरियन भर्ती की मांग को लेकर युवा लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 14 मई, 2 जून और 19 जून 2026 को भी अभ्यर्थियों ने पिकप भवन का घेराव किया था। उनका कहना है कि वहां अधिकारियों से सीधे मुलाकात नहीं हो पाती और कर्मचारियों के स्तर पर ही अभ्यर्थियों से बातचीत की जाती है। लगातार प्रदर्शन और अधिकारियों से संपर्क के बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

362 पदों की अधियाचना मिलने के बावजूद भर्ती का इंतजार

अभ्यर्थियों के मुताबिक अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया गया था कि लाइब्रेरियन के 362 पदों की अधियाचना प्राप्त हो चुकी है। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हर बार उन्हें अगले महीने भर्ती विज्ञापन जारी होने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन निर्धारित समय आने पर मामला फिर टाल दिया जाता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर 362 पदों की अधियाचना मिल चुकी है तो भर्ती प्रक्रिया में देरी का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए और जल्द से जल्द विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

डिग्री पूरी करने के बाद भी नौकरी का इंतजार

अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2016 में पिछली बार लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती हुई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में युवाओं ने लाइब्रेरी साइंस की पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल की, लेकिन सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर नहीं मिलने से वे लगातार भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि PET-2025 के आधार पर लाइब्रेरियन के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जल्द जारी किया जाए, ताकि लंबे समय से तैयारी कर रहे युवाओं को रोजगार का अवसर मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को आगे भी जारी रखेंगे।