
बाराबंकी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के गौरवशाली सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जवाहरलाल नेहरू स्मारक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बाराबंकी में प्रेरणादायी ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अयोध्या विभाग के विभाग प्रचारक कृष्ण चंद्र, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सीताराम सिंह तथा बाराबंकी के सह विभाग कार्यवाह श्रीमान पारितोष ने भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम के दौरान अयोध्या विभाग प्रचारक कृष्ण चंद्र ने छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने क्रमशः लगभग सभी विद्यार्थियों से उनका नाम और कोई सूक्ति अथवा प्रेरणादायक वाक्य पूछकर संवाद को सहज और जीवंत बनाया। उन्होंने कहा कि ‘युवा संवाद’ का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता के कार्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर है और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर ही समर्थ एवं सशक्त भारत का निर्माण किया जा सकता है।
‘पंच परिवर्तन’ के संकल्पों पर विशेष जोर
विभाग प्रचारक कृष्ण चंद्र ने संघ के शताब्दी वर्ष के प्रमुख संकल्प ‘पंच परिवर्तन’ पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य को समाज एवं राष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए युवाओं से इन क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल अपने व्यक्तिगत विकास तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनें।
युवा शक्ति को सकारात्मक दिशा देना जरूरी : प्राचार्य
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सीताराम सिंह ने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के समुचित विकास के लिए युवा पीढ़ी में जिज्ञासा, सीखने की ललक और कुछ नया कर गुजरने की ऊर्जा का होना नितांत आवश्यक है। यही ऊर्जा देश को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि आज भारत की सबसे बड़ी शक्ति युवा हैं और इस शक्ति का प्रयोग सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों में किया जाना चाहिए। युवा शक्ति को सही दिशा देकर ही विकसित राष्ट्र की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है।
भारत माता की जय के जयघोष से गूंजा सभागार
कार्यक्रम का समापन प्रो. विजय कुमार वर्मा द्वारा ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी जयघोष एवं ‘वंदे मातरम्’ के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरविंद कुमार पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर नगर प्रचारक विभ्रम सिंह, प्रभात, मनीष, प्रो. शारदूल विक्रम सिंह, डॉ. पीजे पांडे, डॉ. ऋषिकेश तिवारी सहित कई बुद्धिजीवी, शिक्षाविद एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। छात्र-छात्राओं से खचाखच भरा सभागार पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और ऊर्जा से सराबोर रहा। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित इस युवा संवाद ने विद्यार्थियों में राष्ट्र एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच का संदेश देते हुए कार्यक्रम को यादगार बना दिया।