CSR में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन महत्वपूर्ण

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रीस्किलिंग एचआर फाउंडेशन, नई दिल्ली की ओर से सोमवार, 14 सितंबर 2026 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC), नई दिल्ली में ग्लोबल CSR लीडरशिप कॉन्क्लेव–2026 का आयोजन किया गया। सम्मेलन का विषय “सशक्त भारत: विकसित भारत@2047 के लिए सीएसआर नेतृत्व को बढ़ावा देना” रहा, जिसमें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक प्रभाव और सतत विकास के लिए CSR की भूमिका पर चर्चा हुई।
ग्लोबल CSR लीडरशिप कॉन्क्लेव–2026 में CSR की भूमिका पर चर्चा
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) डी. पी. सिंह, निदेशक, हिंदू ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने स्वागत संबोधन दिया। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, युवा सशक्तिकरण और नैतिक नेतृत्व को विकसित भारत की आधारशिला बताया।
रीस्किलिंग एचआर फाउंडेशन के आयोजन सचिव डॉ. बिनय कुमार ने कहा कि “सीएसआर देश के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का अभिन्न अंग है।” उन्होंने CSR को कौशल विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सतत विकास से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कौशल विकास और रोजगार से CSR को जोड़ने पर जोर
विशेष अतिथि श्री प्रवीण कुमार, पूर्व सचिव, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार ने कौशल विकास, रोजगार और आजीविका को CSR पहलों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
डॉ. अजय शंकर सिंह, प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक, गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने CSR में पारदर्शिता, जवाबदेही और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन को महत्वपूर्ण बताया।
वहीं, द अक्षय पात्र फाउंडेशन (इस्कॉन) के श्री हरिनाम दास ने CSR के माध्यम से वंचित और जरूरतमंद समुदायों तक शिक्षा, पोषण एवं सामाजिक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया। NHPC लिमिटेड के पूर्व निदेशक (कार्मिक) श्री उत्तम लाल ने दीर्घकालिक प्रभाव, सामुदायिक आवश्यकताओं और परिणाम आधारित CSR पहलों को प्राथमिकता देने की बात कही।

CSR विशेषज्ञों और गणमान्य अतिथियों ने की सहभागिता
ग्लोबल CSR लीडरशिप कॉन्क्लेव–2026 में विभिन्न संस्थानों और संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों एवं गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।
सम्मेलन में श्री संजय अरोड़ा, पूर्व निदेशक, तालचर फर्टिलाइज़र लिमिटेड; प्रो. (डॉ.) मार्कंडेय राय, चांसलर, इंदिरा गांधी टेक्नोलॉजिकल एंड मेडिकल साइंसेज यूनिवर्सिटी, अरुणाचल प्रदेश; प्रो. (डॉ.) प्रिया रंजन त्रिवेदी, संस्थापक चांसलर, द इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, नागालैंड; डॉ. नीपा साहा शर्मा, CSR प्रमुख, CESC लिमिटेड; श्री राकेश खरे, पूर्व कार्यकारी निदेशक, THDC एवं CSR कंसल्टेंट; सुश्री ममता सैकिया, संस्थापक, मोसाइका इम्पैक्ट; श्री जी. एस. बावा, पूर्व महाप्रबंधक (PR), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण; तथा श्री प्रदीप कुमार चंद, निदेशक (वित्त), सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे।
उत्कृष्ट CSR और सामाजिक योगदान के लिए पुरस्कार
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट CSR एवं सामाजिक योगदान के लिए ग्लोबल CSR लीडरशिप अवॉर्ड्स–2026 प्रदान किए गए। प्रमुख पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में CESC लिमिटेड, क्राफ्टिज़ेन फाउंडेशन, श्री भारत चंदर उप्रेती, श्री अमरेश नाथ और डॉ. भारत भूषण शामिल रहे।
विकसित भारत@2047 के लक्ष्य पर सहयोग और साझेदारी का जोर
सम्मेलन का उद्देश्य CSR नेतृत्व, सामाजिक प्रभाव और सतत विकास के माध्यम से विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग और साझेदारी को मंच प्रदान करना रहा।
कार्यक्रम के अंत में रीस्किलिंग एचआर फाउंडेशन के प्रोग्राम डायरेक्टर श्री महेश गोलानी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

खबर का संक्षिप्त और तथ्यात्मक निष्कर्ष
ग्लोबल CSR लीडरशिप कॉन्क्लेव–2026 में CSR को शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, सामाजिक सहायता और सतत विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया। सम्मेलन ने CSR नेतृत्व और सामाजिक प्रभाव के जरिए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग एवं साझेदारी का मंच उपलब्ध कराया। (Expose India)
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