कासगंज में धू-धू कर जला अहंकारी रावण, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा परिसर

कासगंज, सोरों समेत कस्बों में धूमधाम से मनाया गया विजयादशमी पर्व, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के किए पुख्ता इंतजाम

कासगंज। जनपद में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। कासगंज के प्रभु पार्क में भव्य रामलीला मंचन के बाद अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक बाण से रावण का पुतला आग की लपटों में घिरा, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे।

जनपद के कासगंज शहर के अलावा सोरों, सहावर, अमांपुर और पटियाली में भी विजयादशमी के अवसर पर रामलीला मंचन के बाद रावण के पुतलों का दहन किया गया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। पर्व के दौरान लोगों ने असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।

पुलिस रही मुस्तैद, ड्रोन से हुई निगरानी

विजयादशमी के आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह के निर्देशन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस बल ने लगातार गश्त की और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी रखी। कासगंज कोतवाली प्रभारी जगदीश चंद्र और सोरों कोतवाली प्रभारी लोकेश भाटी ने अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली।

रामलीला कमेटियों का रहा अहम योगदान

विजयादशमी के कार्यक्रमों को सफल बनाने में रामलीला कमेटियों और उनके पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कासगंज में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष गोपाल मराठा ने आयोजन में योगदान दिया। वहीं, सोरों में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष नंद किशोर तिवारी के साथ रमाकांत बोहरे, श्याम काका, सोनू बोहरे और रिंकू पचोरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजनों के समापन के साथ ही जनपद में विजयादशमी का पर्व उत्साह और धार्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ।