पुष्पक विमान पर चारों भाइयों का मिलन, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठी कोसीकलां

श्रीराम के राज्याभिषेक और 24 अवतारों के दर्शन के साथ रामलीला महोत्सव का समापन

कोसीकलां। भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक और भगवान विष्णु के 24 अवतारों की लीला के मंचन के साथ कोसीकलां का ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया। इससे पूर्व भरतमिलाप के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन तथा चारों भाइयों के मिलन का भावपूर्ण दृश्य देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। पूरा वातावरण जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।

14 वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी पुष्पक विमान पर सवार होकर अयोध्या रूपी भरतमिलाप चौक के समीप पहुंचे। नंदीग्राम में प्रभु श्रीराम की प्रतीक्षा कर रहे भरतजी को उनके आगमन का संदेश देने के लिए हनुमानजी ब्राह्मण का वेश धारण कर पहुंचे। प्रभु श्रीराम के लौटने का समाचार मिलते ही भरतजी की प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहा। वह अयोध्यावासियों के साथ अपने आराध्य के दर्शन के लिए चल पड़े।

भरतमिलाप चौक पर श्रद्धालुओं के जनसैलाब के बीच भरतजी अपने प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण से मिले। पुष्पक विमान पर चारों भाइयों का मिलन होते ही श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। इस भावुक क्षण को देखकर उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। मान्यता और लीला के अनुरूप देवताओं ने देवलोक से पुष्पवर्षा की, जिससे पूरा भरतमिलाप चौक विभिन्न प्रकार के फूलों से सज उठा। चारों ओर ‘जय श्रीराम’, ‘राजा रामचंद्र की जय’, ‘भरत भैया की जय’, ‘सीता माता की जय’ और ‘हनुमानजी की जय’ के उद्घोष गूंजने लगे। योगीराज की नगरी कोसीकलां भक्तिमय वातावरण में राममय हो गई।

भरतमिलाप मेला सकुशल संपन्न होने के बाद ब्रज भूषण मंदिर के श्रीमहंत माधवदास मौनी बाबा तथा मुख्य अतिथि देशबंधु अग्रवाल और संजीव जाबिया की उपस्थिति में भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक कराया गया। मेला आचार्य पं. मोरमुकुट शास्त्री ने विधि-विधान से राजतिलक की धार्मिक रस्में संपन्न कराईं।

राज्याभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को भगवान विष्णु के 24 अवतारों की लीला के दर्शन कराए गए। इस दौरान धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।

समारोह में मुख्य अतिथि संजीव जाबिया और देशबंधु अग्रवाल ने मेला आचार्य पं. मोरमुकुट शास्त्री, लीला पुरोहित सत्यनारायण शर्मा तथा भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमानजी और काली के प्रमुख पात्रों सहित श्रृंगारियों को सम्मानित किया।

रामलीला संस्थान के संयोजक खगेन्द्र सिंह, बाबी ठाकुर, अध्यक्ष गिर्राज चौधरी, मंत्री हैप्पी गर्ग, कोषाध्यक्ष अनुराग तायल और मीडिया प्रभारी नवल भगतजी ने मेले में निःशुल्क एवं निःस्वार्थ भाव से सहयोग देने वाले सभी लोगों को सम्मानित किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

रामलीला महोत्सव का समापन धार्मिक आस्था, भक्ति और सामाजिक सहभागिता के संदेश के साथ हुआ। भरतमिलाप के भावुक प्रसंग से लेकर श्रीराम के राज्याभिषेक तक श्रद्धालुओं ने भगवान के आदर्शों और पारिवारिक प्रेम की झलक देखी।