
मथुरा/कोसीकलां। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। भारतीय जनता पार्टी में टिकट के दावेदार लखनऊ से दिल्ली तक संगठन और पार्टी नेतृत्व के बीच अपनी दावेदारी प्रस्तुत करने में जुटे हैं। इसी क्रम में मथुरा जनपद की 83-गोवर्धन विधानसभा सीट से कुंवर ऋषिराज सिंह का नाम भी चर्चा में है। वह भाजपा से टिकट के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
कुंवर ऋषिराज सिंह की राजनीतिक शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से हुई। छात्र राजनीति के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहते हुए वह दिल्ली विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य बने। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने नीदरलैंड से एमबीए किया। इसके बाद कोका-कोला और रिलायंस जैसी कंपनियों में कार्य किया। वर्ष 1999 में उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया। वर्तमान में वह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में साझेदार होने के साथ पेट्रोकेमिकल और गैस कारोबार से भी जुड़े हैं।
राजनीतिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता वर्ष 2012 से 2014 के बीच दिल्ली प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी के रूप में रही। इस दौरान उन्होंने पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाने का काम किया। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में मथुरा से भाजपा प्रत्याशी हेमा मालिनी के चुनाव प्रचार में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
कुंवर ऋषिराज सिंह की पारिवारिक पृष्ठभूमि भी राजनीतिक रही है। वह मथुरा से तीन बार सांसद रहे राजा मानवेंद्र सिंह के पुत्र हैं। राजा मानवेंद्र सिंह अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके परिवार का संबंध जलेसर और अवागढ़ रियासत से भी रहा है। राव कृष्ण पाल सिंह, जो राजा मानवेंद्र सिंह के नाना थे, जलेसर रियासत के राजा रहे। वह तीन बार जलेसर से सांसद चुने गए और उत्तर प्रदेश जनसंघ के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
गोवर्धन विधानसभा क्षेत्र में ठाकुर और जाट मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसे में कुंवर ऋषिराज सिंह की दावेदारी को उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि, व्यावसायिक अनुभव, एबीवीपी से संगठनात्मक जुड़ाव और भाजपा में लंबे समय की सक्रियता के संदर्भ में देखा जा रहा है।
उनके समर्थकों का दावा है कि संघ, संगठन और युवा वर्ग के बीच उनकी सक्रियता उन्हें टिकट की दौड़ में एक अलग पहचान देती है। करीब डेढ़ दशक से भाजपा की राजनीति में सक्रिय कुंवर ऋषिराज सिंह अब गोवर्धन विधानसभा से अपनी दावेदारी को लेकर प्रयासरत हैं।
हालांकि भाजपा में टिकट का अंतिम निर्णय पार्टी का संसदीय बोर्ड और शीर्ष नेतृत्व करेगा। यदि गोवर्धन विधानसभा से उनकी दावेदारी पर पार्टी विचार करती है तो इसका राजनीतिक प्रभाव मथुरा जनपद की अन्य विधानसभा सीटों पर भी पड़ सकता है। फिलहाल 2027 के चुनाव को लेकर गोवर्धन में संभावित प्रत्याशियों की राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं।