रिपोर्ट – पंकज चतुर्वेदी

रामनगर (बाराबंकी)। रामनगर स्थित बैजनाथ सोल एजेंसी परिसर में भगवान धन्वंतरि जयंती श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विधि-विधान से भगवान धन्वंतरि का पूजन-अर्चन कर सभी के उत्तम स्वास्थ्य, निरोगी जीवन और सुख-समृद्धि की कामना की गई। कार्यक्रम में आयोजित दुर्लभ औषधीय जड़ी-बूटियों की प्रदर्शनी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। प्रदर्शनी में कई दर्जन प्रकार की औषधीय वनस्पतियों को प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री स्वर्ण पदक से सम्मानित एवं राष्ट्रीय किसान क्रांति दल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सोनी ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में रखी विभिन्न औषधीय वनस्पतियों का अवलोकन किया और उनके पारंपरिक उपयोगों के बारे में जानकारी ली। प्रदर्शनी में अदरक, मीठा करौंदा, शतावरी, अश्वगंधा और सफेद मूसली सहित अनेक उपयोगी एवं दुर्लभ जड़ी-बूटियां प्रदर्शित की गईं।
इस मौके पर डॉ. प्रदीप कुमार सोनी ने कहा कि भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद और चिकित्सा विज्ञान के आराध्य देव हैं। भारतीय चिकित्सा परंपरा में औषधीय जड़ी-बूटियों का सदियों से विशेष महत्व रहा है। प्रकृति ने हमें अनेक ऐसी वनस्पतियां प्रदान की हैं, जिनका पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में स्वास्थ्य संरक्षण के लिए उपयोग होता रहा है। आयुर्वेद की इस समृद्ध विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी तक इसका ज्ञान पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
वैद्य किशोर पुजारी ने प्रदर्शनी में रखी विभिन्न जड़ी-बूटियों के पारंपरिक औषधीय गुणों और उनके उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में अनेक वनस्पतियों का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन इनके सही ज्ञान और विधिपूर्वक उपयोग की जानकारी होना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रदर्शनियां लोगों को दुर्लभ औषधीय वनस्पतियों से परिचित कराने के साथ ही आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की प्राचीन परंपरा को समझने का अवसर प्रदान करती हैं। कार्यक्रम के माध्यम से औषधीय पौधों के संरक्षण और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
इस अवसर पर अधिवक्ता अमर पाल सिंह, सचिन सोनी, टीनो सोनी, अमित सोनी सहित बड़ी संख्या में आयुर्वेद से जुड़े वैद्य, चिकित्सक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।