नित्या रमन ने लॉस एंजेलिस मेयर चुनाव में करेन बास को 34,654 वोटों से हराया

डिजिटल डेस्क, लॉस एंजेलिस। अमेरिका के लॉस एंजेलिस में मेयर चुनाव के नतीजे ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट नित्या रमन ने मौजूदा मेयर करेन बास को हराकर जीत दर्ज की है। कभी कमजोर दावेदार मानी जा रहीं रमन की इस जीत को अमेरिका की राजनीति में प्रगतिशील विचारधारा के बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से भी हो रही है। ऐसे में सवाल है कि आखिर नित्या रमन कौन हैं और उनकी राजनीति को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?
कौन हैं नित्या रमन, जिनकी जीत ने अमेरिकी राजनीति में बढ़ाई चर्चा?
भारतीय मूल की नित्या रमन पेशे से अर्बन प्लानर हैं। उन्होंने हार्वर्ड और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से पढ़ाई की है। वह एक वर्किंग मदर होने के साथ लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल में डिस्ट्रिक्ट-4 का प्रतिनिधित्व करती रही हैं।
नित्या रमन ने पहली बार 2020 में सिटी काउंसिल का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उन्होंने ऐतिहासिक जीत हासिल की और लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल में पहुंचने वाली पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई बनीं। मार्च 2024 में उन्होंने एक बार फिर चुनाव लड़ा और भारी बहुमत से जीत दर्ज कर दूसरी बार इस पद पर पहुंचीं।
सिटी काउंसिल में रहते हुए उन्होंने बेघर लोगों की समस्याओं, किफायती आवास और जलवायु संबंधी लक्ष्यों को प्राथमिकता दी। वह प्लानिंग एंड लैंड यूज मैनेजमेंट (PLUM) कमेटी की सदस्य भी हैं। इसके अलावा होमलेसनेस एंड हेल्थ कमेटी, पब्लिक सेफ्टी कमेटी और चार्टर रिव्यू के लिए गठित तदर्थ समिति में भी उनकी भूमिका रही है।
जोहरान ममदानी से क्यों होती है नित्या रमन की तुलना?
नित्या रमन की राजनीतिक विचारधारा और चुनावी एजेंडे के कारण उनकी तुलना न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी से की जाती है। दोनों डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट हैं और प्रगतिशील नीतियों को अपनी राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं।

ममदानी से तुलना किए जाने पर रमन ने इसे सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि ममदानी इस समय अमेरिका के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं। वह संवाद करने और नेतृत्व करने में बेहद कुशल हैं। हालांकि, रमन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी अपनी अलग पहचान है और वह ममदानी से अलग हैं।
उनकी जीत के बाद अमेरिका के दो सबसे बड़े शहरों लॉस एंजेलिस और न्यूयॉर्क में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट विचारधारा वाले नेताओं के नेतृत्व को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस राजनीतिक धड़े में ममदानी और एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ जैसे चर्चित नाम भी शामिल हैं।
बेघर लोगों से लेकर किफायती आवास तक, क्या है रमन का एजेंडा?
नित्या रमन ने चुनाव के दौरान लॉस एंजेलिस की बुनियादी समस्याओं को अपने अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया था। उन्होंने बेघर लोगों की समस्या कम करने और उनके लिए संवेदनशील एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने का वादा किया।
इसके साथ ही शहर में किफायती आवास बढ़ाने, हॉलीवुड में लगातार हो रही छंटनी के बीच नौकरियां बचाने और इमिग्रेशन लागू करने की कार्रवाइयों से शहर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात कही।
रमन के एजेंडे में शहर की सड़कों की मरम्मत, शहर को सुंदर बनाने के प्रयास और नाइटलाइफ को फिर से जीवंत करना भी शामिल रहा। उन्होंने जलवायु लक्ष्यों को तेजी से पूरा करने पर भी जोर दिया है।
नित्या रमन अपने पति वाली चंद्रशेखरन और जुड़वां बच्चों कर्ण तथा कावेरी के साथ सिल्वर लेक में रहती हैं। उनके पति टीवी राइटर हैं और राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका वेस्ट के सक्रिय सदस्य हैं।
अप्रैल 2023 में रमन ने एक्स पर एक पोस्ट में मनोरंजन उद्योग में लेखकों की स्थिति पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा था कि इंडस्ट्री का मुनाफा और प्रोडक्शन बजट बढ़ने के बावजूद लेखकों की कमाई में गिरावट आई है। उन्होंने अपने पति और उनके साथियों को इस बदलाव का सामना करते हुए देखने की बात भी कही थी।
करेन बास की हार के पीछे लॉस एंजेलिस की आग बनी बड़ा मुद्दा
इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक 2025 में लॉस एंजेलिस में लगी भीषण आग रही। इस आग में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी और कई इलाके तबाह हो गए थे। आपातकाल के दौरान मौजूदा मेयर करेन बास की अनुपस्थिति और आपदा से निपटने के शहर के तरीके को लेकर उन्हें राजनीतिक आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।
करेन बास डेमोक्रेटिक पार्टी की कद्दावर नेता रही हैं। वह अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य भी रह चुकी हैं और इससे पहले उन्होंने कोई चुनाव नहीं गंवाया था। इसके बावजूद इस बार नित्या रमन ने उन्हें चुनाव में पीछे छोड़ दिया।
बास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने रमन को फोन करके अपनी हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि भले ही यह वह नतीजा नहीं है जिसकी उम्मीद थी, लेकिन लॉस एंजेलिस के लोगों ने अपना फैसला सुना दिया है। उन्होंने शहर के बेहतर भविष्य के लिए काम जारी रखने की बात भी कही।
युवा मतदाताओं के समर्थन से मजबूत हुई नित्या रमन की दावेदारी
नित्या रमन ने चुनावी अभियान की शुरुआत कमजोर दावेदार के रूप में की थी। दूसरी तरफ करेन बास के पास राजनीतिक अनुभव और मजबूत पहचान थी। लेकिन धीरे-धीरे रमन को समर्थन मिलने लगा, खासकर युवा मतदाताओं के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ी।

इस साल की शुरुआत में हुए प्राइमरी चुनाव में उन्होंने रियलिटी टीवी स्टार स्पेंसर प्रैट को भी पीछे छोड़ दिया था। उनकी जीत को अमेरिका के दूसरे हिस्सों में डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में दिखाई दिए चुनावी रुझानों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
वॉशिंगटन डीसी में भी डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जनीस लुईस जॉर्ज नई मेयर चुनी गई हैं। इससे अमेरिकी शहरों में प्रगतिशील राजनीति की बढ़ती मौजूदगी पर बहस तेज हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब डेमोक्रेटिक पार्टी के वामपंथी धड़े के नेताओं की जीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “अगर इतिहास को देखें, तो यह एक आपदा साबित होने वाला है।” ऐसे उम्मीदवार रिपब्लिकन पार्टी के हमलों का प्रमुख निशाना भी बने हुए हैं।
2027 के सुपर बाउल और 2028 ओलंपिक की भी होगी जिम्मेदारी
लॉस एंजेलिस के नए नेतृत्व के सामने शहर की मौजूदा समस्याओं के साथ बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की जिम्मेदारी भी होगी। अगले मेयर को 2027 में सुपर बाउल और 2028 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।
क्या बदल सकती है नित्या रमन की जीत?
नित्या रमन की जीत केवल एक मेयर चुनाव का परिणाम नहीं है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में प्रगतिशील विचारधारा को मिल रहे समर्थन की भी चर्चा का विषय बन गई है। बेघर लोगों, आवास, रोजगार और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर उनके वादों की असली परीक्षा अब नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने के बाद होगी। उनकी तुलना जोहरान ममदानी से जरूर हो रही है, लेकिन रमन ने अपनी अलग राजनीतिक पहचान और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है। (Expose India)
यह भी पढ़ें
जंतर-मंतर प्रदर्शन: सुप्रीम कोर्ट सख्त, उच्चस्तरीय समिति को 1 महीने में रिपोर्ट देने का निर्देश
अमेरिकी मिडटर्म चुनाव 2026: ट्रंप को बड़ा झटका, सीनेट और हाउस में डेमोक्रेट्स का बहुमत