
लखीमपुर-खीरी। जनपद के पावन एवं ऐतिहासिक देवकली तीर्थ स्थल स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम एवं संस्कृत विद्यापीठ में ज्येष्ठ (पुरुषोत्तम) मास के शुभ अवसर पर रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और रामनाम संकीर्तन के मध्य एक माह तक चलने वाले अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ महा अनुष्ठान का श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ शुभारंभ हुआ।
प्रातःकाल से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान श्रीराम, हनुमान जी और गुरु परंपरा के पूजन-अर्चन के साथ पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण छा गया। वैदिक ऋचाओं और रामनाम की गूंज से देवकली तीर्थ पूरी तरह राममय हो उठा।
यह दिव्य आयोजन परम पूज्य, प्रातः स्मरणीय, नित्य लीलालीन, शास्त्र कुल भूषण अनंत श्री विभूषित ब्रह्मऋषि Bhawani Prasad Upadhyay महाराज के पावन आशीर्वाद एवं कृपापात्र शिष्य पूज्य महंत आचार्य Pramod Ji Maharaj के सानिध्य तथा गरिमामयी तत्वावधान में प्रारंभ हुआ।
आयोजकों के अनुसार 17 मई 2026 को प्रातः 9 बजे विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के संरक्षण का संकल्प भी लिया।
महा अनुष्ठान विश्व कल्याण, जनमानस की सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना के साथ आयोजित किया जा रहा है। लगभग एक माह तक निरंतर चलने वाले इस अखंड मानस पाठ की पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद 15 जून 2026 को संपन्न होगा।
आश्रम परिवार की ओर से श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्म प्रेमियों से अपील की गई है कि वे इस पावन अवसर पर आश्रम पहुंचकर श्रीरामचरितमानस का श्रवण करें, प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा पुण्य के भागीदार बनें।
भक्ति और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत इस आयोजन ने क्षेत्र में धार्मिक चेतना का नया संचार कर दिया है। देवकली तीर्थ स्थल इन दिनों पूर्णतः राममय वातावरण में डूबा हुआ दिखाई दे रहा है।
“हरि अनंत हरि कथा अनंता।
कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥”