अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में नई SIT जल्द, वरिष्ठ IPS अधिकारी को मिल सकती है कमान; जुलाई अंत तक जांच पूरी होने की उम्मीद

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यूपी सरकार नई SIT का कर सकती है गठन; लखनऊ रेंज की IG किरण एस के नाम की चर्चा, पुरानी जांच रिपोर्ट भी बनेगी नए जांच का हिस्सा

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT जांच की तैयारी
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT के गठन की तैयारी, वरिष्ठ IPS अधिकारी को मिल सकती है कमान।

नई दिल्ली/अमर भारती। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही नई विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, नई SIT का गठन मंगलवार या बुधवार तक किए जाने की संभावना है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सुझावों के अनुपालन में उठाया जा रहा है। नई SIT की कमान एक वरिष्ठ IPS अधिकारी को सौंपी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, लखनऊ रेंज की IG किरण एस को नई जांच टीम का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा है। इसके अलावा वित्त और प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी SIT में शामिल किया जा सकता है, ताकि मामले की जांच को व्यापक और प्रभावी बनाया जा सके।

नई SIT की कमान वरिष्ठ IPS अधिकारी के हाथों में

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गठित होने वाली नई SIT की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ रेंज की IG किरण एस इस जिम्मेदारी के लिए प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। जांच को केवल आपराधिक पहलू तक सीमित रखने के बजाय दान प्रबंधन, वित्तीय लेनदेन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की भी गहराई से जांच की जा सकती है। इसी वजह से वित्त और प्रशासनिक विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी टीम का हिस्सा बनाए जाने की संभावना है।

पुरानी SIT की रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा होगी

नई SIT के गठन के बाद मौजूदा जांच टीम में बदलाव किया जाएगा। वर्तमान SIT के अध्यक्ष लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव वित्त नील रतन को नई व्यवस्था में टीम से हटाया जा सकता है। हालांकि, पुरानी SIT की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों को नई जांच टीम नजरअंदाज नहीं करेगी। सूत्रों के अनुसार, नई SIT अपनी जांच की शुरुआत पुरानी रिपोर्ट, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के विस्तृत अध्ययन से कर सकती है। इससे जांच के पहले चरण में सामने आए तथ्यों को नए सिरे से परखा जा सकेगा और किसी भी महत्वपूर्ण पहलू के छूटने की संभावना कम होगी।

जुलाई के अंत तक जांच पूरी करने की तैयारी

नई SIT मामले से जुड़े पुराने और नए सभी तथ्यों की दोबारा गहन जांच करेगी। जांच टीम अब तक सामने आए साक्ष्यों, वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की भी पड़ताल कर सकती है। सूत्रों के अनुसार, जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए जा सकते हैं और इस संवेदनशील मामले की अंतिम रिपोर्ट जुलाई के अंत तक तैयार किए जाने की संभावना है।

मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और SIT की जांच के आधार पर अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में टिन्नू यादव, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव के नाम शामिल हैं। जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे और बैंक खातों से करीब 80 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, आभूषण, वाहन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

CCTV फुटेज के बाद दर्ज हुई थी FIR

इस मामले की जांच उस समय तेज हुई, जब CCTV फुटेज में मंदिर से जुड़े कर्मचारियों पर कथित तौर पर चढ़ावे की रकम छिपाने के आरोपों से जुड़े साक्ष्य सामने आए। इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज की गई। जांच एजेंसियों ने इसके बाद संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और आरोपियों से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल शुरू की।

दान प्रबंधन पर भी उठे सवाल

मामले की जांच के दौरान केवल कथित चोरी ही नहीं, बल्कि मंदिर के दान प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। दान के प्रबंधन में कथित लापरवाही और निगरानी की कमी को लेकर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। इसके अलावा जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और सुझावों के बाद नई SIT के गठन से मामले की जांच को नया मोड़ मिलने की उम्मीद है। वरिष्ठ IPS अधिकारी की अगुवाई में गठित होने वाली नई टीम अब तक की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।

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