बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में प्रमोद नौटियाल से SIT पूछताछ कर रही है। तीन स्तरों पर जांच जारी है और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।

नई दिल्ली/अमर भारती। उत्तराखंड के चर्चित बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला में जांच तेज हो गई है। चमोली पुलिस ने चढ़ावे की गिनती में कथित हेराफेरी के मामले में वांछित आरोपी प्रमोद नौटियाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि एसआईटी के पर्यवेक्षण अधिकारी एवं डीएसपी मदन सिंह बिष्ट ने की है। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच तीन अलग-अलग स्तरों पर चल रही है। पुलिस की एसआईटी आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है, जबकि बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) विभागीय जांच में जुटी है। वहीं, व्यवस्थागत कमियों की समीक्षा गढ़वाल मंडल के आयुक्त की अध्यक्षता में की जा रही है।
सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मी, पूछताछ के लिए साथ ले गए
जानकारी के अनुसार, कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में देहरादून के नेहरू कॉलोनी स्थित प्रमोद नौटियाल के आवास पहुंचे और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ने की बात कही थी, लेकिन देर रात तक उनके वापस नहीं लौटने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने नेहरू कॉलोनी पुलिस चौकी में तहरीर देकर उनके बारे में जानकारी मांगी।
परिजनों ने जताई अपहरण की आशंका
प्रमोद नौटियाल की मां हेमलता नौटियाल ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उच्च न्यायालय ने 16 जुलाई तक उनके बेटे की गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात घर से ले जाए जाने के बाद परिवार को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसी वजह से उन्होंने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की जांच और प्रमोद नौटियाल को सकुशल पेश करने की मांग की है। हालांकि स्थानीय पुलिस का कहना है कि संभावना है कि कर्णप्रयाग थाना पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए साथ ले गई हो।
चढ़ावा चोरी के बाद किया गया था निलंबन
बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया और पुलिस जांच शुरू की गई।
तीन स्तरों पर चल रही है जांच
बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है।
फिलहाल जांच तीन स्तरों पर जारी है-
- एसआईटी – दर्ज एफआईआर और कथित चोरी की जांच।
- बीकेटीसी – विभागीय जांच और कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा।
- गढ़वाल कमिश्नर – मंदिर की व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं की जांच।
प्रशासन का उद्देश्य केवल दोषियों की पहचान करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यवस्थागत सुधार भी करना है।
SIT ने कर्मचारियों के बयान दर्ज किए
एसआईटी पहले ही चढ़ावे की गणना ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मंदिर परिसर का केवल करीब डेढ़ महीने का सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध है। ऐसे में पुराने डिजिटल रिकॉर्ड और डीवीआर (DVR) की उपलब्धता जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने मंदिर समिति से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मांगे हैं, जिनमें से कुछ अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
जांच एजेंसियां अब-
- चढ़ावे की गिनती से जुड़े रिकॉर्ड,
- सीसीटीवी फुटेज,
- ड्यूटी रजिस्टर,
- कर्मचारियों के बयान,
- वित्तीय दस्तावेज
की विस्तार से जांच कर रही हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला उत्तराखंड के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है। प्रमोद नौटियाल से एसआईटी की पूछताछ के बाद जांच में नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है। वहीं, विभागीय जांच, एसआईटी और गढ़वाल कमिश्नर स्तर पर समानांतर कार्रवाई जारी है। अब जांच एजेंसियों की अगली रिपोर्ट और अदालत की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
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