
मसौली, बाराबंकी। गांव का विद्यालय दूसरे स्कूल से पेयरिंग होने के बाद नौनिहालों की मुश्किल बढ़ गई है। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए करीब 1300 मीटर दूर स्थित विद्यालय तक नहर और जंगल के रास्ते से होकर जाना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ता खराब होने के साथ ही सांप और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अभिभावक बच्चों को दूर स्थित स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इसका असर विद्यालय में नामांकन और बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ रहा है।
मामला प्राथमिक विद्यालय सतविसावां की प्राथमिक विद्यालय बिरौली से की गई पेयरिंग का है। ग्राम प्रधान नीरेंद्र कुमार और विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष अशोक कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी मसौली सुनील गौड़ को पत्र देकर पेयरिंग समाप्त कर विद्यालय को दोबारा गांव में संचालित कराने की मांग की है।
1300 मीटर की दूरी, बीच में नहर और जंगल
ग्राम प्रधान और एसएमसी अध्यक्ष के मुताबिक सतविसावां के प्राथमिक विद्यालय की पेयरिंग बिरौली विद्यालय से कर दी गई है। दोनों विद्यालयों के बीच करीब 1300 मीटर की दूरी है। सतविसावां से बिरौली जाने वाले रास्ते में नहर और जंगल का क्षेत्र पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में रास्ता खराब हो जाने से बच्चों के लिए आवागमन और मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार रास्ते में सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। इस कारण अभिभावक छोटे बच्चों को अकेले स्कूल भेजने में संकोच करते हैं। कई अभिभावकों के लिए बच्चों को रोजाना इतनी दूर स्कूल पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।
पर्याप्त कक्ष नहीं होने का भी दावा
ग्राम प्रधान और एसएमसी अध्यक्ष ने बिरौली विद्यालय में पर्याप्त कक्ष उपलब्ध नहीं होने की बात भी कही है। उनका कहना है कि पेयरिंग के बाद बच्चों और शिक्षकों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका दावा है कि विद्यालय को गांव में ही संचालित किए जाने से बच्चों को सुरक्षित और सुगम वातावरण में शिक्षा मिल सकेगी।
नामांकन और उपस्थिति पर असर
विद्यालय की प्रधानाध्यापक श्वेता वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर से विद्यालय दूसरी जगह संचालित होने के कारण नामांकन और बच्चों की उपस्थिति को लेकर समस्याएं सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय गांव में ही संचालित होने पर बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ सकती है और नामांकन में भी सुधार हो सकता है।
ग्राम प्रधान नीरेंद्र कुमार और एसएमसी अध्यक्ष अशोक कुमार ने बीईओ से सतविसावां विद्यालय की बिरौली से की गई पेयरिंग हटाकर उसे पूर्व की तरह गांव में संचालित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे बच्चों को घर के नजदीक शिक्षा उपलब्ध होने के साथ अभिभावकों की चिंता भी कम होगी।