सुहेलदेव वन्यजीव अभ्यारण्य में वन माफियाओं पर शिकंजा, भाभर रेंज में रेंजर की छापेमारी से हड़कंप

बलरामपुर। सुहेलदेव वन्यजीव अभ्यारण्य की वन संपदा की अवैध कटान और लकड़ी के कथित अवैध कारोबार के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को भाभर रेंज के रेंजर योगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पचपेड़वा और विशुनपुर टनटनवा क्षेत्र में कई फर्नीचर दुकानों और आरा मशीनों पर छापेमारी कर सघन जांच अभियान चलाया।

वन विभाग की टीम ने अब्दुल मोबिन, आलम, रामगुलाम, मोहन विश्वकर्मा, हीरालाल, अनवर अली, शाहबान और दिनेश की कार्यशालाओं में तलाशी ली। टीम ने वहां रखी साल और सागौन की लकड़ी, बोटे, लट्ठे तथा तैयार चिरान के स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने लकड़ी के स्रोत, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाला।

कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने यह भी जांच की कि कार्यशालाओं में मौजूद लकड़ी वैध स्रोत से खरीदी गई है या नहीं। विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र में लकड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।

रेंजर योगेश कुमार सिंह ने कहा कि अभ्यारण्य की प्राकृतिक संपदा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। संरक्षित क्षेत्र में अवैध कटान और लकड़ी की तस्करी को लेकर विभाग का रुख पूरी तरह सख्त है और अभियान आगे भी जारी रहेगा।

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जांच के दौरान यदि किसी प्रतिष्ठान के दस्तावेज अधूरे पाए जाते हैं अथवा अवैध लकड़ी की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संरक्षित वन क्षेत्र की संपदा की सुरक्षा के लिए निगरानी और जांच अभियान को और तेज किया जाएगा।