जाफराबाद थाना : डीसीपी राहुल अलवाल ने किया नए भवन का निरीक्षण, नागरिक सुविधाओं और पुलिसकर्मियों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का लिया जायजा

पूर्वी दिल्ली/अमर भारती। कभी जाफराबाद रोड पर किराये के एक छोटे से भवन में सीमित संसाधनों के बीच संचालित होने वाला जाफराबाद थाना अब आधुनिक पुलिसिंग और बेहतर नागरिक सुविधाओं की दिशा में बड़ी मिसाल बनकर सामने आया है। यमुना विहार स्थित डीडीए ग्राउंड में संचालित तीन मंजिला अत्याधुनिक भवन में पुलिसिंग के साथ-साथ आम जनता की सुविधाओं पर भी खास जोर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जाफराबाद थाने को देश के टॉप-10 थानों में शामिल करने के लिए प्रस्तावित किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नवंबर में होने वाली आधिकारिक घोषणा में थाना बेहतर प्रदर्शन करेगा। हालांकि, अंतिम रैंकिंग और स्थान की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हुआ जाफराबाद थाना
नए भवन में आने वाले फरियादियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। थाने में वातानुकूलित वेटिंग रूम बनाया गया है, जहां शिकायत लेकर पहुंचने वाले लोग बैठ सकते हैं। पारदर्शी तरीके से जनसुनवाई के लिए अलग स्पेस की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों की बैठकों के लिए मीटिंग रूम और स्टाफ के लिए कैंटीन भी बनाई गई है।
जाफराबाद थाने की खास व्यवस्थाओं में बच्चों के लिए तैयार किया गया प्ले रूम भी शामिल है। अक्सर अपनी शिकायत या किसी समस्या को लेकर थाने आने वाले लोगों के साथ बच्चे भी आते हैं। ऐसे में बच्चों के लिए अलग स्थान तैयार करना पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पुलिसकर्मियों की सुविधाओं का भी रखा गया ध्यान
आधुनिक पुलिसिंग के साथ पुलिसकर्मियों के कल्याण को भी नए जाफराबाद थाना भवन में प्राथमिकता दी गई है। रात-दिन ड्यूटी पर तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के ठहरने के लिए सुविधायुक्त कमरों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही बेहतर मैस भी तैयार किया गया है। इस तरह थाने में नागरिक सुविधाओं और पुलिसकर्मियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। बेहतर कार्य वातावरण का सीधा असर पुलिसिंग की गुणवत्ता पर पड़ने की उम्मीद है।
डीसीपी राहुल अलवाल ने किया निरीक्षण
बुधवार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राहुल अलवाल ने जाफराबाद थाने के नए भवन का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने थाने में मौजूद विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों से सुविधाओं एवं कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
इस दौरान जाफराबाद थाना अध्यक्ष एवं पदोन्नत एसीपी तनवीर अशरफ ने डीसीपी को नए थाना भवन में उपलब्ध सुविधाओं और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। भजनपुरा सब-डिवीजन के एसीपी सहदेव राणा भी निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे। उन्होंने फरियादियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और आम जनता के प्रति पुलिस कर्मचारियों के सहयोगात्मक एवं मानवीय व्यवहार की सराहना की।
आम नागरिकों से सीधे संवाद
जाफराबाद थाना का निरीक्षण के दौरान डीसीपी राहुल अलवाल ने थाने पहुंचे आम नागरिकों से भी बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याएं जानीं और इलाके में पुलिसिंग को और अधिक जन-उन्मुख तथा पारदर्शी बनाने के लिए सुझाव भी मांगे।
स्थानीय लोगों और पुलिस से जुड़े कर्मचारियों के मुताबिक, जाफराबाद थाने में हुए बदलाव के पीछे थाना अध्यक्ष तनवीर अशरफ, एसीपी सहदेव राणा, अतिरिक्त थाना अध्यक्ष किरण पाल, चिट्ठा मुंशी सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार, हिमांशु पांडे, हेड कांस्टेबल नफीस समेत पूरे स्टाफ की मेहनत और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता अहम रही है।
जाफराबाद थाना बना बदलाव की मिसाल
किराये के छोटे भवन से शुरू होकर आधुनिक तीन मंजिला थाना बनने तक का सफर जाफराबाद पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। नागरिक सुविधाओं, पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर व्यवस्थाओं, तकनीक के इस्तेमाल और जनसुनवाई पर जोर ने थाने की कार्यप्रणाली को नया स्वरूप दिया है। अब निगाहें नवंबर में होने वाली आधिकारिक घोषणा पर हैं। यदि जाफराबाद थाना देश के टॉप-10 थानों में स्थान हासिल करता है, तो यह पूर्वी दिल्ली की पुलिसिंग के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। जाफराबाद थाने की इस पहल से तस्वीर बदली है।
यहां भी पढ़ें-
मिशन 2027 की सियासी तैयारी तेज: अखिलेश यादव से मिले लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह, चुनावी रणनीति पर मंथन