निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में बिजली-कर्मियों का जन जागरण अभियान: विद्युत-कर्मियों को विश्वास में लेने की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने एक बार फिर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से अपील की है कि भीषण गर्मियों में बढ़ती विद्युत मांग और उपभोक्ताओं की परेशानियों को देखते हुए ऊर्जा निगमों में टकराव का वातावरण समाप्त किया जाए तथा बिजली कर्मियों को विश्वास में लेकर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कर्मियों पर लगातार की जा रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों से ऊर्जा निगमों में कार्य का वातावरण पूरी तरह बिगड़ चुका है। न्याय की मांग को लेकर बिजली कर्मियों को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से कार्यालय समय के बाद बैठकें आयोजित करने जैसे सामान्य कार्यक्रमों को भी आधार बनाकर बिजली कर्मियों पर अनावश्यक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिन्हें तत्काल वापस लिया जाना चाहिए।

उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों वापस लेने की मांग

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने याद दिलाया कि 19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि मार्च 2023 की सांकेतिक हड़ताल के दौरान बिजली कर्मियों पर की गई सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को वापस लिया जाए। इसके बावजूद तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी प्रबंधन द्वारा इन कार्रवाइयों को समाप्त नहीं किया गया है, जिससे निगमों में तनाव और असंतोष का वातावरण बना हुआ है।

संघर्ष समिति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 16 अप्रैल 2026 से निजीकरण और उत्पीड़न के विरोध में शुरू किया गया जन जागरण अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक बिजली कर्मियों पर की गई प्रत्येक उत्पीड़नात्मक कार्रवाई वापस नहीं ले ली जाती।

सभी संविदा कर्मियों को तत्काल सेवा में वापस लिया जाए: संघर्ष समिति

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि अत्यंत अल्प वेतन पर कार्य कर रहे अनुभवी संविदा कर्मियों को हटाने से बिजली व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इन कर्मियों की कमी के कारण कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। संघर्ष समिति ने मांग की कि सभी संविदा कर्मियों को तत्काल सेवा में वापस लिया जाए, जिससे गर्मियों के दौरान विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल सके। जन जागरण अभियान के अंतर्गत आज रायबरेली और सुल्तानपुर में सभाओं का आयोजन किया गया। सभाओं को मुख्य रूप से जितेन सिंह गुर्जर और महेंद्र राय ने संबोधित किया।