
लखनऊ। सिटी मोंटेसरी स्कूल (सीएमएस) अलीगंज कैंपस-2 के छात्रों ने कम उम्र में ही संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक बन गया है। कक्षा 4B के छात्र मोहम्मद यासीन और ज़ैन तारिक खान तथा कक्षा 3A के छात्र रैज़िल खान ने अपनी माताओं के साथ मिलकर विकास नगर क्षेत्र में आग से प्रभावित परिवारों की सहायता की।
इन छात्रों ने मिलकर जरूरतमंदों के लिए आवश्यक सामग्री जुटाई और उसे प्रभावित लोगों तक पहुंचाकर उनकी कठिन घड़ी में सहारा बनने का सराहनीय कार्य किया। इस पहल ने न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि पीड़ित परिवारों के बीच आशा और विश्वास भी जगाया।
इतनी छोटी उम्र में सेवा, सहानुभूति और मानवता के मूल्यों को समझना और उन्हें व्यवहार में उतारना वास्तव में प्रशंसनीय है। इन बच्चों का यह प्रयास यह साबित करता है कि मदद करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दिल में सच्ची भावना होना जरूरी है।
समाज के लिए यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है कि हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, बदलाव की शुरुआत कर सकता है। इन नन्हे छात्रों का यह कार्य निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देगा।
(सीएमएस) अलीगंज कैंपस-2 के छात्रों ने कम उम्र में ही संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक बन गया है। कक्षा 4B के छात्र मोहम्मद यासीन और ज़ैन तारिक खान तथा कक्षा 3A के छात्र रैज़िल खान ने अपनी माताओं के साथ मिलकर विकास नगर क्षेत्र में आग से प्रभावित परिवारों की सहायता की।
इन छात्रों ने मिलकर जरूरतमंदों के लिए आवश्यक सामग्री जुटाई और उसे प्रभावित लोगों तक पहुंचाकर उनकी कठिन घड़ी में सहारा बनने का सराहनीय कार्य किया। इस पहल ने न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि पीड़ित परिवारों के बीच आशा और विश्वास भी जगाया।
इतनी छोटी उम्र में सेवा, सहानुभूति और मानवता के मूल्यों को समझना और उन्हें व्यवहार में उतारना वास्तव में प्रशंसनीय है। इन बच्चों का यह प्रयास यह साबित करता है कि मदद करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दिल में सच्ची भावना होना जरूरी है।
समाज के लिए यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है कि हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, बदलाव की शुरुआत कर सकता है। इन नन्हे छात्रों का यह कार्य निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देगा।
मदद को बढ़ाए हाथ
लखनऊ। सिटी मोंटेसरी स्कूल (सीएमएस) अलीगंज कैंपस-2 के छात्रों ने कम उम्र में ही संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक बन गया है। कक्षा 4B के छात्र मोहम्मद यासीन और ज़ैन तारिक खान तथा कक्षा 3A के छात्र रैज़िल खान ने अपनी माताओं के साथ मिलकर विकास नगर क्षेत्र में आग से प्रभावित परिवारों की सहायता की।
इन छात्रों ने मिलकर जरूरतमंदों के लिए आवश्यक सामग्री जुटाई और उसे प्रभावित लोगों तक पहुंचाकर उनकी कठिन घड़ी में सहारा बनने का सराहनीय कार्य किया। इस पहल ने न केवल राहत पहुंचाई, बल्कि पीड़ित परिवारों के बीच आशा और विश्वास भी जगाया।
इतनी छोटी उम्र में सेवा, सहानुभूति और मानवता के मूल्यों को समझना और उन्हें व्यवहार में उतारना वास्तव में प्रशंसनीय है। इन बच्चों का यह प्रयास यह साबित करता है कि मदद करने के लिए उम्र नहीं, बल्कि दिल में सच्ची भावना होना जरूरी है।
समाज के लिए यह पहल एक सकारात्मक संदेश देती है कि हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी छोटा क्यों न हो, बदलाव की शुरुआत कर सकता है। इन नन्हे छात्रों का यह कार्य निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देगा।